छत्तीसगढ़ के आरंग और कोरबा में में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने तेज रफ्तार के खतरों को एक बार फिर उजागर कर दिया। इन हादसों में कुल पांच युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है।
आरंग। रायपुर जिले के आरंग में एनएच-53 पर पारागांव के पास महासमुंद से रायपुर आ रही टाटा विस्टा कार अचानक अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार के चलते चालक का नियंत्रण खो गया और कार डिवाइडर से जोरदार टकराई, फिर पोल से जा भिड़ी। हादसे में कार सवार तीनों युवकों – हर्ष कुमार देवांगन (21 वर्ष), राहुल देवांगन (20 वर्ष) और थानू सतनामी (22 वर्ष) – की मौके पर ही मौत हो गई।
ये सभी आरंग के निवासी थे, जिसमें दो सगे भाई हर्ष और राहुल शामिल थे। चौथे युवक मिथलेश धीवर (23 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और वाहन को क्रेन से हटवाकर यातायात सुचारू किया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही मुख्य कारण बताई जा रही है।
कोरबा हादसा: दो युवकों की भयानक मौत
उर्जाधानी कोरबा में भी एक सड़क हादसे ने सबको स्तब्ध कर दिया, जिसमें दो युवकों की मौके पर मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय समाचारों के अनुसार, यह घटना 19 फरवरी को हुई, लेकिन सटीक स्थान और वाहन का प्रकार अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घायल को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। तेज रफ्तार ही यहां भी प्रमुख कारण लग रहा है।
इन हादसों के पीछे मुख्य कारण तेज रफ्तार, अंधेरा और सड़क पर लापरवाही सामने आ रही है।छत्तीसगढ़ पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली है और वाहन चालकों के परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी।
एनएच-53 जैसे व्यस्त राजमार्गों पर पटलवार चेकिंग अभियान चलाने की योजना है।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने का ऐलान किया है। ये घटनाएं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देती हैं।