रायपुर। सरेंडर से ठीक पहले रायपुर पुलिस की घेराबंदी में धरा गया क्रांति सेना का प्रदेश अध्यक्ष, 12 राज्यों में FIR, समर्थकों का हंगामा, अब मां के अंतिम संस्कार के लिए मांगी जाएगी जमानत।
छत्तीसगढ़ की राजनीति और समाजिक संगठनों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को आज रायपुर में पुलिस ने नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार कर लिया। बघेल पिछले 26 दिनों से पुलिस की पकड़ से बचते-बचाते फरार चल रहे थे, जिस वजह से उनकी गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने अमित बघेल को उस वक्त पकड़ा, जब वे रायपुर में सरेंडर करने की तैयारी में थे। गिरफ्तारी के दौरान भारी भीड़, पुलिसकर्मियों व समर्थकों की नोकझोंक और सड़क पर अचानक बढ़ती हलचल ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।
गिरफ्तारी आज सुबह कुछ ही घंटों पहले की गई। पुलिस को जैसे ही उनकी मौजूदगी की सूचना मिली, तुरंत टीम रवाना हुई और बिना देर किए कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई देंगेंदा नगर थाना क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि अमित बघेल यहां कुछ साथियों से मिलने और सरेंडर के दस्तावेज़ तैयार करवाने आए थे। अमित बघेल के खिलाफ कुल 12 राज्यों में अलग-अलग मामलों में FIR दर्ज हैं। इनमें कई मामले सार्वजनिक कार्यक्रमों में कानून व्यवस्था भंग करने, पुलिसकर्मियों से विवाद, विरोध-प्रदर्शन में हिंसा, धमकी और अवैध तरीके से भीड़ इकट्ठा करने जैसे आरोपों से जुड़े हैं। लगातार नोटिस भेजने और समन जारी होने के बावजूद वे पुलिस के सामने पेश नहीं हुए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी तेज हो गई थी, गिरफ्तारी पूरी तरह फिल्मी अंदाज़ में हुई पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अमित बघेल रायपुर में मौजूद हैं।
कई टीमों को अलग-अलग रास्तों पर तैनात किया गया। जैसे ही बघेल एक वाहन में बैठे, पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। समर्थकों ने बीच में आने की कोशिश की, जिससे मौके पर हल्की झड़प और बहस हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और अमित बघेल को बाक़ायदा वाहन में बिठाकर थाने ले गई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी बनाए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। गिरफ्तारी के बीच एक संवेदनशील खबर यह है कि अमित बघेल की मां का देहांत हो गया है। उनकी टीम अब कोर्ट में अस्थायी जमानत (इंटरिम बेल) की मांग करेगी, ताकि अमित अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें।
कानूनी जानकारों के अनुसार, ऐसे मामलों में कोर्ट परिस्थिति देखकर कुछ घंटे या एक-दो दिन की राहत दे सकता है।12 राज्यों की पुलिस की नजर है बघेल पर, अमित बघेल सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड सहित कई राज्यों में भी मामलों में वांछित थे। गिरफ्तारी के बाद अब अन्य राज्यों की पुलिस भी रायपुर पुलिस से संपर्क कर सकती है और ट्रांजिट रिमांड की मांग भी संभव है। गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलचलें तेज़ है, बघेल की गिरफ्तारी के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। कई लोग इसे आने वाले दिनों के विरोध प्रदर्शनों, क्रांति सेना की गतिविधियों, और राज्य की राजनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं। समर्थक इसे टारगेटेड कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि पुलिस इसे कानूनी प्रक्रिया कह रही है। जैसे ही पुलिस बघेल को कार में बिठा रही थी, समर्थक चिल्लाते हुए उनके पास पहुंचे और पुलिस से बहस करने लगे। कई जगह पुलिस को भीड़ को हटाना पड़ा। मौके की हवा में तनाव साफ महसूस हो रहा था। अब आगे पुलिस कोर्ट में रिमांड आवेदन दे सकती है अन्य राज्यों के केस भी उन पर प्रभाव डालेंगे, जमानत पर फैसला संभवतः कल या परसों क्रांति सेना की ओर से बड़ा बयान आ सकता है। बहरहाल आगे क्या कुछ अपडेट आती है हम आपको बताते रहेंगे।