भारतीय-पाकिस्तानी नौकरियां छीन रहे” बयान पर घिरे Rupert Lowe, डेटा ने किया दावा खारिज
लंदन। ब्रिटेन के सांसद अपने विवादित और एंटी-इमिग्रेशन बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया कि “लाखों भारतीय और पाकिस्तानी ब्रिटेन में नौकरियां छीन रहे हैं”, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों और विशेषज्ञों की रिपोर्ट ने उनके दावों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है।
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोव लंबे समय से सख्त इमिग्रेशन नीतियों के समर्थक रहे हैं। उन्होंने बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन, सीमा नियंत्रण को और कड़ा करने तथा प्रवासियों की संख्या घटाने की मांग उठाई है। हालांकि, हालिया डेटा में यह सामने आया कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में प्रवासी समुदाय, खासकर भारतीय मूल के लोग, स्वास्थ्य सेवा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और बिजनेस सेक्टर में अहम योगदान दे रहे हैं।
लोव के बयान के बाद ब्रिटेन की राजनीति में तीखी बहस शुरू हो गई। विपक्षी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने उनके बयान को “नस्लीय भड़काऊ” और “फार-राइट एजेंडा” से प्रेरित बताया। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में डर और विभाजन पैदा करते हैं।
बताया जा रहा है कि लोव अपनी नई राजनीतिक पार्टी “Restore Britain” के जरिए इमिग्रेशन को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिटेन में आर्थिक चुनौतियों और बेरोजगारी के लिए केवल प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराना वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने की रणनीति हो सकती है।