MPSC विवाद में अभ्यर्थियों को मिला राजनीतिक सहारा, CJP ने 24 सितंबर तक का दिया अल्टीमेटम…

अभिजीत दिपके बोले- मांग पूरी होने तक छात्रों के साथ रहेंगे, आयोग के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन तेज करने की तैयारी

छत्रपति संभाजीनगर, 15 सितंबर 2026। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की विभिन्न ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का विरोध अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का समर्थन मिल गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन में शामिल होने का ऐलान करते हुए कहा है कि अभ्यर्थियों की मांग पूरी होने तक उनका साथ दिया जाएगा।

अभ्यर्थियों के एक समूह ने छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में अभिजीत दिपके से मुलाकात की। मुलाकात के बाद CJP की ओर से कहा गया कि MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी के सदस्य भी अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।

24 सितंबर तक का समय, इसके बाद राज्यव्यापी अभियान

CJP ने MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे के लिए 24 सितंबर की समयसीमा तय की है। पार्टी का कहना है कि यदि निर्धारित समय तक दोनों अधिकारियों के इस्तीफे नहीं होते हैं, तो अभिजीत दिपके और पार्टी के सदस्य महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर MPSC अभ्यर्थियों से मुलाकात करेंगे और उनके मुद्दों को उठाएंगे।

दिपके ने अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद जारी वीडियो संदेश में कहा कि CJP इस लड़ाई में छात्रों के साथ खड़ी है और शीर्ष MPSC अधिकारियों के इस्तीफे होने तक उनका समर्थन जारी रहेगा।

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग

MPSC अभ्यर्थी महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका मुख्य जोर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक और ऑनलाइन परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई तथा जिम्मेदारी तय करने पर है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि हजारों युवा लंबे समय तक तैयारी करने के बाद इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का स्पष्ट और भरोसेमंद समाधान जरूरी है।

आंदोलन के विस्तार के संकेत

CJP के आंदोलन में शामिल होने से MPSC विवाद को लेकर छात्रों का विरोध और व्यापक होने के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी ने साफ किया है कि यदि 24 सितंबर तक उसकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो राज्यभर में अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनके मुद्दों को सामने लाने का अभियान चलाया जाएगा।

फिलहाल MPSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। आने वाले दिनों में सरकार और आयोग की ओर से इस पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *