प्राकृतिक जलाशयों में विसर्जन पर रोक, कृत्रिम कुंड में ही विसर्जन की अपील; पंडालों में CCTV, महिला हेल्प डेस्क और अलग-अलग कचरा डस्टबिन रखने पर जोर
भिलाईनगर, 14 सितंबर 2026। गणेश उत्सव के दौरान आस्था के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई ने इस बार विशेष ‘स्वच्छ गणेश उत्सव-भिलाई’ अभियान शुरू किया है। निगम ने गणेश मंडलों और नागरिकों से अपील की है कि वे उत्सव को धार्मिक परंपराओं के साथ पर्यावरण-अनुकूल और व्यवस्थित तरीके से मनाएं।
गणेश उत्सव के दौरान शहर में बड़ी संख्या में पंडाल लगाए जाते हैं और विसर्जन के समय भी बड़ी संख्या में लोग जलाशयों के आसपास पहुंचते हैं। ऐसे में प्लास्टिक, थर्मोकोल, निर्माल्य और मूर्तियों से निकलने वाले अपशिष्ट के साथ ही यातायात, भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चुनौतियां सामने आती हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निगम ने अभियान के तहत अलग-अलग स्तर पर व्यवस्था और जनभागीदारी पर जोर दिया है।
मिट्टी की प्रतिमा और प्राकृतिक रंगों को प्राथमिकता
निगम ने गणेश मंडलों से अपील की है कि वे मिट्टी से बनी तथा प्राकृतिक रंगों वाली गणेश प्रतिमा ही स्थापित करें। प्लास्टिक, थर्मोकोल और POP यानी प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है।
निगम का संदेश है- ‘मिट्टी के बप्पा, प्रकृति के लिए अच्छा विकल्प।’
अभियान का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ना है, ताकि उत्सव समाप्त होने के बाद जल स्रोतों और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण की स्थिति न बने।
प्राकृतिक जलाशयों में नहीं होगा सीधे विसर्जन
मूर्ति विसर्जन के लिए निगम द्वारा कृत्रिम विसर्जन कुंड और टैंक की व्यवस्था की जा रही है। नागरिकों और गणेश मंडलों से इन्हीं निर्धारित स्थानों का उपयोग करने की अपील की गई है। तालाब, नदी अथवा अन्य प्राकृतिक जलाशयों में सीधे मूर्ति विसर्जन नहीं करने कहा गया है।
विसर्जन स्थलों पर जल, प्रकाश, बैरिकेडिंग, पुलिस सहायता, सफाई कर्मी, स्वयंसेवक, प्राथमिक उपचार और CCTV जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की योजना है। निगम ने यह भी बताया है कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 6 फीट से छोटी POP मूर्तियों का विसर्जन भी कृत्रिम कुंड में ही किया जाना है।
फूल-माला नदी में नहीं, खाद में जाएगी
गणेश उत्सव के दौरान निकलने वाले फूल, माला, पत्तियां और अन्य पूजा सामग्री के लिए चयनित पंडालों और विसर्जन स्थलों पर ‘निर्माल्य संग्रह केंद्र’ बनाए जाएंगे।
निगम ने नागरिकों से कहा है कि पूजा सामग्री को नदी-नालों अथवा जलाशयों में फेंकने के बजाय इन संग्रह केंद्रों में जमा करें। एकत्रित जैविक सामग्री से खाद तैयार की जाएगी।
अभियान का संदेश है-
‘फूल नदी में नहीं-खाद में जाएं।’
इसके साथ ही प्रत्येक पंडाल में गीले और सूखे कचरे के लिए दो अलग-अलग डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है।
पंडालों में CCTV और महिला हेल्प डेस्क पर जोर
उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए प्रमुख गणेश पंडालों में CCTV कैमरे लगाने की अपील की गई है। जहां संभव हो, CCTV व्यवस्था को पुलिस नियंत्रण से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला हेल्प डेस्क और महिला पुलिसकर्मियों की सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसके अलावा NCC और NSS के स्वयंसेवकों को ‘सुरक्षित गणेश दूत’ के रूप में जोड़े जाने की योजना है।
निगम ने गणेश मंडलों से चोरी, छेड़छाड़, नशे के कारण होने वाले उपद्रव और अन्य असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
तेज DJ और अव्यवस्था से बचने की अपील
अभियान के तहत पंडालों में नशे का सेवन, तेज आवाज में DJ बजाने और अनावश्यक भीड़ के कारण आम नागरिकों को होने वाली परेशानी से बचने की अपील की गई है। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर गणेश मंडलों से लापरवाही नहीं बरतने की अपील की गई है।
‘एक दर्शन-एक उपहार’ से उत्सव को सामाजिक सरोकार से जोड़ने की पहल
निगम ने गणेश उत्सव को सामाजिक सरोकार से जोड़ने के लिए ‘एक दर्शन-एक उपहार’ अभियान का संदेश भी दिया है। इसके तहत गणेश दर्शन के साथ जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए कॉपी, किताब और पेन दान करने की अपील की गई है।
निगम के अनुसार अभियान के पांच प्रमुख आधार हैं- पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन, सुरक्षा एवं अपराध नियंत्रण में सहयोग, सामाजिक एवं शिक्षा सहयोग तथा डिजिटल जनभागीदारी।
निगम ने नागरिकों और गणेश मंडलों से अपील की है कि वे सामूहिक सहभागिता के साथ ऐसा गणेश उत्सव मनाएं, जिसमें आस्था के साथ शहर की स्वच्छता, पर्यावरण और सुरक्षा भी प्राथमिकता में रहे।