पश्चिम एशिया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंग ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में देश की ऊर्जा सप्लाई, जरूरी सामानों की उपलब्धता और सप्लाई चेन पर असर की समीक्षा की गई। सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय संयम बरतने की अपील की है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंग ने सोमवार को “इन्फॉर्मल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (IGoM)” की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की सप्लाई, घरेलू बाजार में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और संभावित आर्थिक असर पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है और सप्लाई चेन में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों से बचें और किसी तरह की घबराहट में खरीदारी न करें।
सरकार ने बताया कि देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सभी रिफाइनरियां हाई कैपेसिटी पर काम कर रही हैं और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित कर रही हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और अनावश्यक खर्च कम करने की अपील की थी। सरकार का कहना है कि यह कदम किसी संकट की वजह से नहीं, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए एहतियात के तौर पर उठाए जा रहे हैं।