राज्यव्यापी पहल का हिस्सा: पहले से चल रहे अभियानों (जैसे बिना हेलमेट पेट्रोल न देना) को बल मिलेगा
दुर्ग। दुर्ग (छत्तीसगढ़) के कलेक्टर अभिजीत सिंह और जिला दंडाधिकारी ने सरकारी कर्मचारियों के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है। यह सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया फैसला है, जिसमें नियम उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
बता दें कि दुर्ग भिलाई के चौक चौराहा में ट्रैफिक पुलिस चालान काटने में मुस्तैद है, इसके बावजूद लोग बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाते नजर आ रहे हैं। पुलिस केवल चालान काटने तक सीमित है और लोगों को जागरूक करने में नाकाम साबित हो रही है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि दोपहिया वाहनों पर हेलमेट और चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट लगाकर ही दफ्तर आएं-जाएं। यह छत्तीसगढ़ सरकार की व्यापक सड़क सुरक्षा पहल का हिस्सा है, जो दुर्ग जिले में पहले से चल रहे अभियानों (जैसे बिना हेलमेट पेट्रोल न देना) को मजबूत करता है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों (जैसे पिलीभीत, बुदौन, जांजगीर-चांपा) में भी इसी तरह के आदेश लागू हो चुके हैं, जहां बिना सुरक्षा उपकरण के दफ्तर प्रवेश पर रोक या चालान की सख्ती है। राज्य स्तर पर मुख्य सचिवों ने भी शासकीय सेवकों के लिए हेलमेट-सीट बेल्ट अनिवार्य किया है।
यह कदम सड़क हादसों को कम करने के लिए है, क्योंकि भारत में प्रतिवर्ष लाखों दुर्घटनाएं होती हैं। दुर्ग में पुलिस पहले से ही वाहन चेकिंग अभियान चला रही है, जिससे जागरूकता बढ़ रही है।