रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में फिर एक बड़ा सियासी विवाद उभर आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारे और सामाजिक संगठनों में हंगामा खड़ा कर दिया है। इस बयान को लेकर अब साहू समाज संगठन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
भूपेश बघेल 29 दिसंबर को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच से बात करते समय उपमुख्यमंत्री अरुण साव के बारे में विवादित टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने साव की तुलना “बंदर” से की थी। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
भाजपा नेताओं ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की है और इसे मर्यादाहीन तथा असभ्य करार दिया है। विपक्षी दल का कहना है कि इस तरह के बयान से सार्वजनिक मंच पर राजनीतिक शिष्टाचार और सामाजिक सम्मान को चोट पहुँचती है।
छत्तीसगढ़ साहू समाज के नेताओं ने भूपेश बघेल की इस टिप्पणी को समाज के अपमान के रूप में लिया है। साहू समाज प्रदेश अध्यक्ष नीरेन्द्र साहू ने स्पष्ट कहा है कि भूपेश बघेल को अपनी आपत्तिजनक टिप्पणी पर 10 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। अगर माफी नहीं मिली तो समाज प्रदेश स्तर पर आंदोलन के लिए सड़कों पर अवश्य उतरेगा। साहू समाज सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन सौंपने का निर्णय भी ले चुका है। 5 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे की रणनीति घोषित की जाएगी। साहू समाज का आरोप है कि इस तरह की भाषा से सामाजिक सामंजस्य और सम्मान को नुकसान पहुँचता है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी बयान का जवाब देते हुए कहा है कि नेताओं को वक्तव्य देते समय शब्दों में मर्यादा और संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए। उनका स्पष्ट कहना है कि सार्वजनिक मंच पर ऐसी टिप्पणी सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ है।
भूपेश बघेल के इस बयान को लेकर राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनी हुई है, जिसमें आरोप है कि व्यंग्य की सीमा लांघकर प्रधानमंत्री सार्वजनिक सम्मान को ठेस पहुँचा है।
राज्य में पहले से ही शराब घोटाला, प्रशासनिक विवाद और चुनावी रणनीति को लेकर सियासी तापमान उच्च है। ऐसे में इस भाषा विवाद ने राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों के बीच तनातनी को और बढ़ा दिया है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं और जनमानस के बीच भी उभर सकता है, खासकर जब सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं।
बहरहाल पूर्व सीएम भूपेश बघेल का उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर विवादास्पद टिप्पणी करना अब बड़े सियासी मुद्दे में बदल गया है। साहू समाज की चेतावनी और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और गर्माता दिखाई दे रहा है।