छत्तीसगढ़ को 2026-31 के दौरान ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 11,664 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, पंचायतों में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार।
नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। इस दौरान पंचायतों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने, स्थानीय निकायों को संसाधनों के बेहतर आवंटन और वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यशाला में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, पारदर्शिता, जवाबदेही, बेहतर सेवा प्रदायगी और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। विजय शर्मा ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में भाग लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों के विचार और प्रस्तुतियों का अवलोकन किया।
बैठक में बताया गया कि 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक छत्तीसगढ़ को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए कुल 11,664 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट और 2,333 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। साथ ही ग्रामीण स्थानीय निकायों के अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत तय की गई है।
वर्षवार आवंटन के तहत 2026-27 में 1,498 करोड़ रुपये, 2027-28 में 1,911 करोड़ रुपये, 2028-29 में 2,470 करोड़ रुपये, 2029-30 में 2,742 करोड़ रुपये और 2030-31 में 3,043 करोड़ रुपये (बेसिक व परफॉर्मेंस ग्रांट सहित) उपलब्ध कराए जाएंगे। इस राशि से ग्राम पंचायतों में आधारभूत ढांचे का विकास, नागरिक सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।