बालोद। छत्तीसगढ़ में एक गंभीर मामला सामने आया है जिसमें डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके पर महिला कांस्टेबल से प्यार का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए जाने, तीन बार जबरन गर्भपात कराने और आर्थिक रूप से धोखा देने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपों के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दोनों की पहचान वर्ष 2017 में डौंडी स्थित ITI में पढ़ाई के दौरान हुई थी, जहां बातचीत धीरे‑धीरे प्यार में बदल गई थी। महिला जल्द ही पुलिस विभाग में आरक्षक के रूप में शामिल हो गई थी।
आरोपी ने शुरू से ही शादी का वादा कर, उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब महिला गर्भवती हुई, तो उसने शिकायत की कि पहली बार में ही उसे दवा दे कर गर्भपात कराया गया।
महिला ने आगे बताया कि उसे पढ़ाई, कोचिंग और अन्य खर्चों के लिए हर महीने चार से पांच हजार रुपए आरोपी के खाते में भेजे।
2020 में आरोपी ने CGPSC पास कर डिप्टी कलेक्टर का पद हासिल किया और बीजापुर में तैनात हो गया। शादी की बात पर उसने बार‑बार टालमटोल किया।
इस दौरान महिला दूसरी व तीसरी बार भी गर्भवती हुई, लेकिन आरोप है कि हर बार आरोपी ने दबाव डालकर जबरदस्ती गर्भपात करवा दिया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके नाम से कार खरीदी और लाखों रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवाए।
शादी की बात पर लगातार इंकार के बाद महिला ने 6 महीने पहले FIR दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने सूचना का अधिकार (RTI) का उपयोग किया, और उसके बाद ही सरकार ने डिप्टी कलेक्टर को निलंबित कर दिया।
राज्य सरकार ने शिकायत के आलोक में डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को तत्काल निलंबित कर दिया है तथा विभागीय जांच तेज़ कर दी है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।