रेटेंशन स्कीम से लेकर अस्पताल तक संघर्ष: भिलाई के मुद्दों पर देवेन्द्र यादव का बड़ा आंदोलन ऐलान…

भिलाई। सेल-बीएसपी प्रबंधन की निजीकरण नीति के खिलाफ भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। “भिलाई बिकने नहीं देंगे” अभियान के तहत विधायक अब सीधे सड़कों पर उतरेंगे और भिलाई की जनता को साथ लेकर जन आंदोलन को तेज करेंगे।

विधायक देवेन्द्र यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि टाउनशिप, आवास, अस्पताल और सार्वजनिक संस्थानों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भिलाई सत्याग्रह के दौरान हुए समझौते के बावजूद सेल–बीएसपी प्रबंधन अपनी बात से पीछे हट रहा है और जनता से किए गए वादों को नजरअंदाज कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय सेक्टर-9 को लीज पर न देने, अस्पताल के कर्मचारियों व पूर्व कर्मचारियों की सुविधाएं बरकरार रखने और मैत्री बाग को किसी भी संस्था को न सौंपने पर सहमति बनी थी, लेकिन रेटेंशन स्कीम के तहत आवासों के किराए में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी, लाइसेंस पर आवास देने और दुकानों के लीज नवीनीकरण में भारी रजिस्ट्री शुल्क जैसे मुद्दों पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।

विधायक यादव ने इसे भिलाई की जनता के साथ सीधा विश्वासघात बताया। उन्होंने कहा कि पहले 5 दिन के उपवास के बाद प्रबंधन चर्चा के लिए मजबूर हुआ था, लेकिन अब फिर से टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। अगर प्रबंधन समझता है कि रिटायरमेंट देकर जिम्मेदारियों से बच जाएगा, तो यह उसकी सबसे बड़ी गलतफहमी है।

आंदोलन की अगली कड़ी में 12 जनवरी से वार्ड-वार जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा। विधायक स्वयं रिटेंशन स्कीम और लाइसेंसधारी आवासों में रहने वाले नागरिकों से मिलकर उनकी राय लेंगे और जमीनी सच्चाई सामने लाएंगे। इसके बाद 25 जनवरी को भिलाई स्टील प्लांट के इस्पात भवन तक जोरदार पैदल मार्च किया जाएगा।

विधायक देवेन्द्र यादव ने साफ कहा कि यह लड़ाई सिर्फ आवास या किराए की नहीं, बल्कि भिलाई के भविष्य और अस्तित्व की लड़ाई है। संवाद से समाधान चाहते हैं, लेकिन अगर संवाद से भागा गया तो आंदोलन और तेज होगा। भिलाई की जनता के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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