कतर की मध्यस्थता में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता में कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति, ट्रंप बोले- रिश्ते बेहतर दिशा में बढ़ रहे हैं
दोहा। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में गुरुवार को अहम प्रगति देखने को मिली। कतर की राजधानी दोहा में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता हुई, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और पहले हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के क्रियान्वयन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। वार्ता के बाद कतर ने इसे “सकारात्मक और रचनात्मक” बताया तथा कहा कि दोनों पक्ष बातचीत आगे भी जारी रखने पर सहमत हुए हैं।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य रहा। यह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल की करीब 20 प्रतिशत आपूर्ति होती है। हाल के महीनों में इस क्षेत्र में बढ़े तनाव और जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी थी। इसी वजह से दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और तनाव कम करने पर विशेष जोर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी वार्ता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संबंध बेहतर दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए कई विवादित मुद्दों का समाधान निकाला जा सकता है।
वहीं ईरान ने साफ किया कि वह कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता है, लेकिन यदि उसकी संप्रभुता या राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई तो वह उचित जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। ईरानी प्रतिनिधियों ने प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी वार्ता में उठाए।
दोहा वार्ता के सकारात्मक संकेतों का असर वैश्विक बाजार पर भी दिखाई दिया। मध्य-पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
हालांकि अभी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहने पर सहमति को बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दौर की वार्ताएं भी सकारात्मक रहती हैं तो इससे न केवल मध्य-पूर्व में तनाव कम होगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी राहत मिलेगी।