रूस ने बताया ‘नाजी महिमामंडन’, यूक्रेन ने स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक कहा; द्वितीय विश्व युद्ध की विरासत पर फिर आमने-सामने दोनों देश
नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर इतिहास और राजनीति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। यूक्रेन में सैन्य अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने यूक्रेनी राष्ट्रवादी नेता रोमन शुखेविच की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम के बाद रूस ने यूक्रेन पर नाजी विचारधारा का महिमामंडन करने का आरोप लगाया, जबकि यूक्रेन ने शुखेविच को सोवियत शासन के खिलाफ स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाला नेता बताया।
रोमन शुखेविच द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) के प्रमुख कमांडर थे। वे यूक्रेनी राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े थे और इतिहासकारों के बीच उनका व्यक्तित्व बेहद विवादास्पद माना जाता है। कुछ शोधों के अनुसार उन्होंने शुरुआती दौर में नाजी जर्मनी से जुड़े सैन्य गठन में भी भूमिका निभाई, जबकि बाद में उनकी सेना का संघर्ष सोवियत संघ के खिलाफ केंद्रित रहा।
हाल के समारोह में यूक्रेन के ल्वीव क्षेत्र के अधिकारियों ने शुखेविच के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें यूक्रेन की स्वतंत्रता की लड़ाई का प्रतीक बताया। अधिकारियों ने कहा कि उनकी विरासत देशवासियों को एकजुट करती है और स्वतंत्रता के संघर्ष की याद दिलाती है।
दूसरी ओर, रूस लगातार आरोप लगाता रहा है कि यूक्रेन कुछ ऐसे राष्ट्रवादी नेताओं का सम्मान करता है जिनका संबंध नाजी सहयोग से रहा था। यूक्रेन इन आरोपों को खारिज करते हुए कहता है कि इन नेताओं को सोवियत दमन के खिलाफ संघर्ष के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
युद्ध के बीच इस तरह के ऐतिहासिक मुद्दे दोनों देशों के बीच वैचारिक और राजनीतिक टकराव को और गहरा कर रहे हैं। शुखेविच आज भी यूक्रेन और रूस के बीच इतिहास की अलग-अलग व्याख्याओं का प्रमुख प्रतीक बने हुए हैं।