INS त्रिकंद और MARCOS कमांडो की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा खतरा, चालक दल और महत्वपूर्ण कार्गो पूरी तरह सुरक्षित
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी में एक बार फिर अपनी सतर्कता और समुद्री सुरक्षा क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए महत्वपूर्ण सामान लेकर आ रहे एक मालवाहक जहाज को समुद्री लुटेरों के कब्जे में जाने से बचा लिया। नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंद ने संकट संदेश मिलते ही तत्काल कार्रवाई की, जिसके बाद समुद्री लुटेरे जहाज छोड़कर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, एमवी गोल्डन आर्सेनल (MV Golden Arsenal) नामक व्यापारी जहाज अदन की खाड़ी से गुजर रहा था। इसी दौरान सोमाली समुद्री लुटेरों ने जहाज पर चढ़ने की कोशिश की। खतरे को भांपते हुए चालक दल ने अंतरराष्ट्रीय एंटी-पाइरेसी प्रोटोकॉल के तहत खुद को सुरक्षित कक्ष (सिटाडेल) में बंद कर लिया और तुरंत मदद का संदेश भेजा।
संकट संदेश मिलते ही क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS त्रिकंद मौके पर पहुंचा। भारतीय युद्धपोत को अपनी ओर बढ़ता देख समुद्री लुटेरे जहाज पर कब्जा करने से पहले ही भाग निकले। इसके बाद नौसेना के विशेष बल MARCOS (Marine Commandos) ने जहाज पर चढ़कर पूरी तलाशी ली और यह सुनिश्चित किया कि जहाज पूरी तरह सुरक्षित है।
इस घटना में जहाज पर सवार सभी 21 चालक दल के सदस्य, जिनमें एक भारतीय नाविक भी शामिल था, सुरक्षित रहे। किसी भी सदस्य के घायल होने या जहाज तथा उसके महत्वपूर्ण कार्गो को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है।
भारतीय नौसेना पिछले कई वर्षों से अदन की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में लगातार एंटी-पाइरेसी अभियान चला रही है। यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि भारत अपने समुद्री व्यापार मार्गों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए हर समय पूरी तरह तैयार है।