सहारनपुर में 17.29 करोड़ की नकली करेंसी का नेटवर्क कितना बड़ा? NIA ने संभाली जांच, केस डायरी भी सौंपी गई…

PNB करेंसी चेस्ट से मिले जाली नोटों की जांच तेज; पुराने नकली नोट मामलों और विदेशी कनेक्शन को भी खंगाल रही एजेंसी

सहारनपुर, 12 सितंबर 2026। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट से बरामद 17.29 करोड़ रुपये की जाली करेंसी के मामले में जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हाथों में पहुंच गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने अब तक की जांच से जुड़े दस्तावेज और केस डायरी NIA को सौंप दी है। इसके बाद एजेंसी ने मामले की जांच और तेज कर दी है।

मामले में अब जांच का दायरा सिर्फ करेंसी चेस्ट तक सीमित नहीं है। NIA यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे, इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका है या नहीं और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का इस पूरे मामले से कोई संबंध है या नहीं।

तीन बैंक प्रबंधकों के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR

यह मामला 29 अगस्त को सामने आया था। PNB के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर 17.29 करोड़ रुपये की जाली करेंसी मिलने के मामले में तीन बैंक प्रबंधकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की। इसके बाद डीआईजी अभिषेक सिंह के निर्देश पर एसएसपी अभिनंदन सिंह ने सात सदस्यीय SIT गठित की थी। क्राइम ब्रांच भी जांच में शामिल रही और आरोपियों तक पहुंचने के साथ साक्ष्य जुटाने का काम किया गया।

SIT की केस डायरी अब NIA के पास

SIT की जांच के दौरान अधिकारियों और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए। बरामदगी का विवरण, जांच में सामने आए तथ्य और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल किया गया।

कानूनी और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद SIT ने यह केस डायरी NIA को सौंप दी है। अब NIA इन तथ्यों को अपनी जांच के निष्कर्षों के साथ जोड़कर मामले की कड़ियां तलाश रही है।

विदेशी कनेक्शन की भी पड़ताल

NIA की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि नकली करेंसी का नेटवर्क कहीं सीमा पार से तो नहीं जुड़ा है। एजेंसी सहारनपुर में पहले सामने आए नकली नोटों के मामलों की जानकारी भी जुटा रही है।

9 सितंबर को NIA के एसपी वैभव सक्सेना ने पुलिस लाइन में एसएसपी अभिनंदन सिंह और एसपी सिटी व्योम बिंदल से मुलाकात की थी। इस दौरान करेंसी चेस्ट मामले में अब तक हुई जांच के साथ-साथ पुराने नकली नोट मामलों की जानकारी भी ली गई।

मुख्य सुरक्षा अधिकारी फिर करेंसी चेस्ट पहुंचे

नकली नोट करेंसी चेस्ट तक पहुंचने का वास्तविक स्रोत और असली करेंसी के बाहर जाने की आशंका से जुड़े सवालों का अभी तक स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। SIT, बैंक और NIA अलग-अलग स्तर पर इन पहलुओं की जांच कर चुके हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मामले में फिलहाल एक मुख्य आरोपी गिरफ्तार है, जबकि दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को PNB के मुख्य सुरक्षा अधिकारी भी सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट पहुंचे और मामले से जुड़ी जांच-पड़ताल की।

PNB की शाखा से भी मिला 500 रुपये का संदिग्ध नोट

इसी बीच सहारनपुर के नकुड़ कस्बे की तहसील रोड स्थित PNB शाखा में एक ग्राहक को 500 रुपये का कथित नकली नोट मिलने का मामला भी सामने आया है।

गांव छापुर निवासी अंकित के मुताबिक वह अपने साथी संजीव निवासी अंबेहटी के साथ बैंक से चेक के जरिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये निकालने पहुंचे थे। बैंक से रकम मिलने के बाद जब नोटों की दोबारा गिनती की गई तो संजीव को एक 500 रुपये का नोट संदिग्ध लगा। जांच कराने पर उसे नकली बताया गया।

ग्राहकों ने बैंक पहुंचकर नोट बदलने की मांग की। आरोप है कि शुरुआत में शाखा प्रबंधन और कैशियर ने नोट बैंक से दिए जाने से इनकार किया। काफी देर तक हंगामे के बाद बैंक कर्मचारियों ने कथित नकली नोट वापस लेकर दूसरा 500 रुपये का नोट दे दिया।

शाखा प्रबंधक संजीव अग्रवाल ने फोन पर बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं और लौटने के बाद इस मामले में जानकारी देंगे।

क्या दोनों मामलों के बीच कोई कनेक्शन है?

एक तरफ जिले की PNB करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये की जाली करेंसी मिलने की जांच NIA कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय PNB शाखा में ग्राहक को नकली 500 रुपये का नोट मिलने की घटना सामने आई है।

हालांकि, स्थानीय शाखा से मिले 500 रुपये के नोट का करेंसी चेस्ट में बरामद 17.29 करोड़ रुपये की जाली करेंसी से कोई संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। यह कड़ी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल NIA का फोकस नकली करेंसी के स्रोत, संभावित संगठित गिरोह, संदिग्ध लेनदेन और किसी संभावित विदेशी कनेक्शन की पड़ताल पर है।

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