ओडिशा में UAE की बड़ी निवेश तैयारी, ₹2.10 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर बनी सहमति; PM मोदी ने क्राउन प्रिंस से की अहम मुलाकात…

IHC और अडानी समूह के साथ 14 परियोजनाओं पर चर्चा, लाखों रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद; भारत-UAE साझेदारी में ऊर्जा, खनिज और कनेक्टिविटी पर भी जोर

नई दिल्ली/भुवनेश्वर, 12 सितंबर 2026। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम सामने आया है। ओडिशा ने UAE में अपने निवेश अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव हासिल किए हैं। राज्य सरकार के मुताबिक, UAE की कंपनियों और अडानी समूह के साथ 14 नई परियोजनाओं के लिए करीब ₹2.105 लाख करोड़ के निवेश की संभावनाएं सामने आई हैं। इन परियोजनाओं से लगभग 8.68 लाख रोजगार पैदा होने की संभावना जताई गई है।

IHC और अडानी समूह के साथ 14 परियोजनाओं पर फोकस

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में UAE में निवेशकों से मुलाकात की गई। इस दौरान UAE की International Holding Company (IHC) और Adani Group के सामने राज्य में 14 बड़े प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव रखा गया।

इनमें दुर्लभ खनिज, क्रिटिकल मिनरल्स, मेटलर्जी, कोयला-से-रसायन, बंदरगाह आधारित स्पेशल इकोनॉमिक जोन और औद्योगिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

राज्य सरकार के अनुसार प्रस्तावित परियोजनाओं से करीब 1.9 लाख प्रत्यक्ष, लगभग 4 लाख अप्रत्यक्ष और करीब 2.8 लाख निर्माण क्षेत्र से जुड़े रोजगार पैदा होने की संभावना है।

पहले भी हुआ है बड़ा IHC-अडानी निवेश

ओडिशा में UAE की दिलचस्पी का यह पहला बड़ा संकेत नहीं है। इससे पहले IHC और अडानी समूह के बीच करीब 11.5 अरब डॉलर के संयुक्त एल्युमिनियम प्रोजेक्ट की योजना सामने आ चुकी है। नए प्रस्तावों के साथ ओडिशा में UAE से जुड़े निवेश का दायरा और बड़ा होने की उम्मीद है।

PM मोदी और अबूधाबी क्राउन प्रिंस की मुलाकात

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अबूधाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

बैठक में रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने रणनीतिक ऊर्जा ढांचे और India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) से जुड़ी संभावनाओं पर भी चर्चा की।

ओडिशा के लिए क्यों अहम है यह निवेश?

ओडिशा लंबे समय से खनिज संसाधनों, धातु उद्योग और बंदरगाह आधारित औद्योगिक विकास के लिए जाना जाता है। ऐसे में UAE के निवेशकों को आकर्षित करने की राज्य सरकार की कोशिश को औद्योगिक विस्तार और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालिया UAE निवेश अभियान में ओडिशा ने केवल बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स पर ही जोर नहीं दिया, बल्कि अपने कृषि और खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। UAE और व्यापक MENA क्षेत्र में हल्दी, अदरक, समुद्री उत्पाद और प्रोसेस्ड फूड की पहुंच बढ़ाने पर भी बातचीत हुई।

निवेश की होड़ में ओडिशा की बड़ी छलांग

ओडिशा सरकार लगातार विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए दूसरे राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर रही है। UAE में हुए इस निवेश अभियान को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य खनिज संपदा को बड़े औद्योगिक निवेश, रोजगार और निर्यात के अवसरों में बदलना है।

अगर प्रस्तावित परियोजनाएं जमीन पर उतरती हैं तो ओडिशा में खनिज, धातु, ऊर्जा, बंदरगाह और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है।

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