संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां आवारा कुत्तों के झुंड ने एक 9 साल की मासूम बच्ची पर हमला कर उसकी बेरहमी से जान ले ली। कुत्ते बच्ची का एक हाथ काटकर अपने साथ ले गए, जबकि चेहरे और पैरों का मांस भी नोच खाया।
मृत बच्ची का नाम रिया गौतम (9 वर्ष) बताया गया है। वह गांव पोता निवासी विनोद उर्फ बंटी की बेटी थी। रिया अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी और गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 की छात्रा थी।
घटना रविवार शाम करीब 5 बजे की है। रिया अपनी मां ममता और दादी मुन्नी के साथ गांव के पास श्मशान के समीप खेतों से बकरियों और भैंसों के लिए चारा लेने जा रही थी। बताया गया कि मां और दादी कुछ दूरी आगे निकल गईं, जबकि रिया पीछे रह गई। इसी दौरान 10 से 12 आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर अचानक हमला बोल दिया।
बच्ची की चीख सुनकर मां और दादी दौड़कर वापस आईं और कुत्तों को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक कुत्ते रिया को बुरी तरह नोच चुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक-कुत्तों ने रिया का एक हाथ काटकर अलग कर दिया, हाथ को लेकर कुत्ते भाग गए। चेहरे और एक पैर से मांस गायब था। पूरे शरीर पर गहरे जख्म और दांतों के निशान थे। गांव वालों के पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत।
शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में रिया को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कुत्तों का झुंड पिछले 4 से 6 महीनों से इलाके में आतंक मचा रहा था। अब तक-15-20 ग्रामीणों पर हमला, बकरियों और भैंसों को भी निशाना, कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मामले में आलोक भाटी (ASP, संभल) ने बताया कि गांव पोता में एक बच्ची पर कुत्तों के हमले की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस पहुंची। बच्ची की मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि-
शिकायतों के बावजूद कुत्तों को क्यों नहीं पकड़ा गया?
नसबंदी और नियंत्रण अभियान केवल कागजों में क्यों रहे?
मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन?