तीज मिलन में मुख्यमंत्री साय बोले- माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता…

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर हुआ आयोजन, 68 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ और 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

रायपुर, 22 सितंबर 2026। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने माताओं-बहनों से मुलाकात कर तीज की शुभकामनाएं दीं और कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों का प्रतीक है। भारतीय परंपरा में मातृशक्ति को विशेष सम्मान दिया गया है और परिवार को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।

महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में हर महीने एक हजार रुपए की राशि सीधे पहुंचाई जा रही है। अब तक 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे स्वरोजगार में कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से परिवार की आय बढ़ा रही हैं।

650 करोड़ की फिल्म सिटी से कलाकारों को नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति और परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। प्रदेश में करीब 650 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे फिल्म निर्माण, पर्यटन और स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों तथा युवाओं के लिए रोजगार और प्रतिभा प्रदर्शन के नए अवसर मिलेंगे।

समारोह में लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कलाकार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी और देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

विकास और बुनियादी सुविधाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के 15 वर्ष के कार्यकाल में सड़क, बिजली, पेयजल और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कारण डॉ. रमन सिंह को प्रदेश में ‘चाउंर वाले बाबा’ के नाम से पहचान मिलने की बात भी कही।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम कर रही है। प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है और प्रतिदिन करीब 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में अब शांति और विकास के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार का संकल्प है।

टंकराम वर्मा ने लोकगीत से किया स्वागत

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने तीज मिलन समारोह में माताओं-बहनों का स्वागत करते हुए अपने जीवन के संघर्षों और गांव में विकास की शुरुआती परिस्थितियों को साझा किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत कर समारोह में तीज और छत्तीसगढ़ी संस्कृति का रंग भर दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंत्री निवास पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ केश शिल्पी विकास बोर्ड के अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, वीणा सिंह सहित बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, कलाकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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