शपथ समारोह में शपथ कम, नसीहत ज़्यादा: कांग्रेस मंच से चला अनुशासन का डंडा…

नेता प्रतिपक्ष की दो टूक: गुटबाजी बंद करो, बंद कमरे में सुलझाओ विवाद; शपथ-ग्रहण मंच पर नेताओं के तीखे बोल

बिलासपुर। कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्षों के शपथ-ग्रहण समारोह में संगठन की एकजुटता की अपील के साथ-साथ पार्टी की अंदरूनी कलह भी खुलकर सामने आ गई। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मंच से कांग्रेसियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि गुटबाजी पार्टी को कमजोर करती है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि अगर किसी के बीच मनमुटाव है तो उसे बंद कमरे में सुलझाइए। मीडिया या माइक के सामने बयानबाजी कर तमाशा न बनाएं। अनुशासन ही सर्वोपरी है।

उन्होंने नए जिला अध्यक्षों को नसीहत देते हुए कहा कि अब, आधा पार दुकान, आधा पार मकान नहीं चलेगा। अध्यक्षों को फुल टाइम काम करना होगा। पार्टी लाइन और अनुशासन से बाहर जाकर कोई काम नहीं होना चाहिए।

पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि हमारे शंकराचार्य का इस तरह अपमान हुआ हो। देश में सिर्फ बांटो और काटो की राजनीति चल रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि प्रयागराज में शंकराचार्य को रोका गया, क्या उन्हें गंगा स्नान का अधिकार नहीं है? यह कौन सा सनातन धर्म और कैसी हिंदुत्व की परिभाषा है?

कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने बिना नाम लिए पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी पर निशाना साधते हुए कहा कि पेपर में छपने से कोई नेता नहीं बनता। संगठन में काम करने का अलग अनुभव होता है। जब काम सही होता है तो ऊपर बैठे लोग सब देख लेते हैं।

पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने संगठन के भीतर सक्रिय लोगों को चेताते हुए कहा कि संगठन में कुछ ‘चाटुकार’ और मौकापरस्त नेता होते हैं। कुछ लोग पांच साल साथ रहने का दिखावा करते हैं, लेकिन चुनाव आते ही निशा बदल लेते हैं। ऐसे लोग सबसे खतरनाक होते हैं।

पदभार संभालते ही नवनियुक्त शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने मंच से साफ कहा कि अब कांग्रेस में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी पार्टी की विचारधारा के खिलाफ काम करेगा या उससे समझौता नहीं करेगा, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, कार्रवाई तय है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य पार्टी को फिर से संगठित करना और हर स्तर पर अनुशासन लागू करना है।

ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि जिले के सभी नेता और कार्यकर्ता साथ मिलकर कांग्रेस संगठन को मजबूत करेंगे और सबको साथ लेकर चलेंगे।

कुल मिलाकर शपथ-ग्रहण समारोह जहां संगठन को मजबूत करने का मंच था, वहीं नेताओं के बयानों से कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान भी उजागर हो गई। शीर्ष नेताओं ने साफ कर दिया कि आने वाले समय में अनुशासन और संगठनात्मक एकता ही प्राथमिकता होगी।

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