आयकर छापेमारी से हड़कंप: बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर देशव्यापी कार्रवाई, बिलासपुर-इंदौर सहित 12 ठिकानों पर रेड।
बिलासपुर। आयकर विभाग ने शुक्रवार 16 जनवरी 2026 को सड़क निर्माण और टोल संचालन क्षेत्र की बड़ी कंपनी बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड पर एक साथ कई राज्यों में बड़ी छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में फैले कंपनी के 10 से 12 ठिकानों पर की जा रही है।
आयकर विभाग को कंपनी के खिलाफ टैक्स चोरी, वित्तीय अनियमितताओं, ओवर-इनवॉयसिंग, फर्जी बिलिंग और काले धन के निवेश से जुड़े गंभीर इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर यह सिमल्टेनियस ऑपरेशन लॉन्च किया गया।
कहां-कहां चल रही है छापेमारी:-
बिलासपुर – पाराघाट टोल प्लाजा:-
आयकर विभाग की टीम सुबह तीन सरकारी वाहनों में टोल प्लाजा कार्यालय पहुंची। टोल कलेक्शन, कैश फ्लो, बैंक डिपॉजिट और दैनिक रजिस्टर की जांच, कर्मचारियों से लंबी पूछताछ, टोल संचालन से जुड़े डिजिटल और फिजिकल रिकॉर्ड जब्त।
इंदौर – सपना-संगीता क्षेत्र:-
कंपनी के डायरेक्टर के आवास और कॉर्पोरेट ऑफिस पर एकसाथ रेड,
नकदी लेन-देन, प्रॉपर्टी दस्तावेज, बैंक अकाउंट, निवेश और शेयर होल्डिंग की जांच, कई अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाले जा रहे हैं।
रायपुर, भोपाल, कुछ अन्य शहरों में भी आयकर टीमें सक्रिय, कुल मिलाकर 12 ठिकानों पर एक साथ ऑपरेशन।
कंपनी का प्रोफाइल: क्यों है बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर चर्चा में:-
बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड देश की जानी-मानी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में गिनी जाती है।
कंपनी के प्रमुख कार्य क्षेत्र:
सड़क और पुल निर्माण,
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) प्रोजेक्ट,
टोल प्लाजा संचालन,
आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) सप्लाई,
कंपनी छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में सरकारी और निजी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
आयकर विभाग को किन बिंदुओं पर शक जानकारी के अनुसार, जांच का फोकस इन बिंदुओं पर है:-
टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं, लागत से अधिक दिखाए गए बिल, फर्जी कंपनियों के जरिए बिलिंग, टोल कलेक्शन की वास्तविक और घोषित आय में अंतर, टैक्स इवेजन और बेहिसाब नकदी का निवेश, प्रोजेक्ट खर्च में हेरफेर।
अब तक की स्थिति (दोपहर 2:30 बजे तक):-
छापेमारी लगातार जारी, नकदी या ज्वेलरी जब्ती की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं, आयकर अधिकारी मौके पर डटे हुए, जांच 2 से 3 दिन तक चलने की संभावना, स्थानीय मीडिया में वीडियो सामने आए, जिनमें अधिकारी दस्तावेज ले जाते दिखे, कंपनी प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं।
इन्फ्रा सेक्टर पर संभावित असर:-
इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में हलचल मचना तय मानी जा रही है।
संभावित प्रभाव:-
अन्य बड़े ठेकेदारों की फाइलें भी खुल सकती हैं।
सरकारी प्रोजेक्ट्स की निगरानी और सख्त हो सकती है।
निवेशकों और फाइनेंशियल संस्थानों की चिंता बढ़ सकती है।
आने वाले दिनों में और खुलासे संभव:-
बहरहाल बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर आयकर विभाग की यह कार्रवाई केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में चल रहे कथित गोरखधंधों पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।
अगर जांच में गंभीर खुलासे होते हैं, तो इसका असर पूरे क्षेत्र और कई बड़े नामों तक पहुंच सकता है।