20 हजार रुपये मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल बताया, 12 वर्षों की सेवा के बाद भी नियमितीकरण नहीं होने पर आंदोलन; कई जिलों में पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग समेत प्रदेश के कई जिलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रांतीय अतिथि शिक्षक विद्यामितान कल्याण संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में शिक्षक संविलियन, समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य कर्मचारी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। हड़ताल के कारण कई सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले करीब 12 वर्षों से प्रदेश के सरकारी स्कूलों, विशेषकर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में लगातार सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षण कार्य के अलावा उनसे प्रशासनिक और विभागीय जिम्मेदारियां भी कराई जाती हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें केवल लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
शिक्षकों का आरोप है कि नियमित शिक्षकों के समान कार्य करने के बावजूद उन्हें न नियमितीकरण का लाभ मिला है और न ही आकस्मिक अवकाश सहित अन्य शासकीय सुविधाएं। उनका कहना है कि कई बार सरकार और शिक्षा विभाग के सामने अपनी मांग रखी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण उन्हें अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
संघ के अनुसार प्रदेश में करीब 1,532 विद्यामितान अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन को कांग्रेस का भी समर्थन मिला है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से अतिथि शिक्षकों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है।