पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने; चन्नी समर्थकों ने नेतृत्व बदलने की मांग तेज की, हाईकमान की भूमिका पर उठे सवाल…

पंजाब कांग्रेस में गहराया संकट: गुटबाज़ी और नेतृत्व विवाद से बढ़ी मुश्किलें

पंजाब में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर गंभीर आंतरिक संकट (internal crisis) से जूझ रही है। राज्य इकाई में लंबे समय से चल रही गुटबाज़ी अब खुलकर सामने आ गई है, जिससे पार्टी की चुनावी तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक लगातार मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। उनका आरोप है कि संगठन में संतुलन नहीं है और कई फैसलों में उनकी अनदेखी की जा रही है।

हाल ही में हुई बैठकों और चर्चाओं के बाद चन्नी खेमे के नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की मांग को और तेज कर दिया है। कई नेताओं ने यह भी कहा है कि पार्टी को आगामी विधानसभा चुनावों में जीत दिलाने के लिए एक “मजबूत और लोकप्रिय चेहरा” आगे लाना जरूरी है।

वहीं, पार्टी हाईकमान ने फिलहाल यथास्थिति (status quo) बनाए रखने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद असंतोष और बढ़ गया है, और मामला सीधे दिल्ली नेतृत्व तक पहुंच गया है।

बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो संगठनात्मक विवाद और गहरा सकता है। पार्टी के भीतर यह स्थिति ऐसे समय पर बन रही है जब पंजाब में राजनीतिक समीकरण पहले से ही बेहद जटिल हैं।

राजनीतिक असर:

  • कांग्रेस की चुनावी रणनीति प्रभावित हो सकती है
  • गुटबाज़ी से संगठन कमजोर होने की आशंका
  • विरोधी दलों को मिल सकता है राजनीतिक फायदा

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