AAP से BJP में गए सात राज्यसभा सांसदों पर साधा निशाना, केजरीवाल ने कहा- पार्टी ने उन्हें सदन भेजा था, जनता ने नहीं
पणजी, 13 सितंबर 2026। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों पर तीखा निशाना साधा है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों के पार्टी से अलग होने के संदर्भ में केजरीवाल ने कहा कि यह घटनाक्रम AAP के लिए एक सीख है और अब राज्यसभा के लिए किसी नेता का चयन करते समय उसकी विश्वसनीयता को बेहद गंभीरता से परखा जाएगा।
गोवा में गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के साथ गठबंधन का ऐलान करने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि पार्टी के चुने हुए प्रतिनिधियों ने अलग-अलग राज्यों में जनता के साथ विश्वासघात नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने को AAP के साथ धोखा बताया।
‘पार्टी ने राज्यसभा भेजा था, जनता ने नहीं’
केजरीवाल ने कहा कि जिन राज्यसभा सांसदों ने AAP का साथ छोड़ा, उन्हें पार्टी ने राज्यसभा भेजा था। उनके मुताबिक, इन सांसदों के चुनाव में सीधे जनता की भूमिका नहीं थी, बल्कि पार्टी ने उन्हें उच्च सदन में प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया था।
उन्होंने इसे पार्टी के लिए सबक बताते हुए कहा कि भविष्य में राज्यसभा भेजने से पहले उम्मीदवार की निष्ठा और विश्वसनीयता को अच्छी तरह परखा जाएगा। उनका कहना था कि अब पार्टी किसी व्यक्ति को राज्यसभा भेजने से पहले ‘सौ बार ठोक-बजाकर’ देखेगी कि वह भरोसे के योग्य है या नहीं।
केजरीवाल ने विधायकों की वफादारी का भी किया जिक्र
AAP संयोजक ने दिल्ली के अलावा गोवा, जम्मू-कश्मीर और गुजरात में पार्टी के राजनीतिक अनुभव का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि दलबदल के कथित प्रयासों के बावजूद इन राज्यों में पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधि AAP के साथ बने हुए हैं।
केजरीवाल के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में AAP का एक विधायक और गुजरात में पार्टी के पांच विधायक हैं। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने जनता के भरोसे को नहीं तोड़ा है।
गोवा के दो विधायकों का भी दिया उदाहरण
गोवा का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में वहां AAP के दो विधायक चुने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन विधायकों को पार्टी छोड़ने के लिए तैयार करने की कोशिशें की गईं, लेकिन दोनों ने AAP का साथ नहीं छोड़ा।
उन्होंने इसे पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों की निष्ठा का उदाहरण बताया।
गुजरात उपचुनाव का भी किया जिक्र
गुजरात को लेकर केजरीवाल ने कहा कि AAP के एक विधायक ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी को हरा दिया। केजरीवाल ने इसी संदर्भ में कहा कि जहां-जहां AAP के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, वहां उन्होंने जनता के साथ विश्वासघात नहीं किया है।
राघव चड्ढा समेत सात सांसदों ने छोड़ी थी AAP
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में राघव चड्ढा समेत AAP के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। इसके बाद AAP के राज्यसभा में राजनीतिक समीकरण और पार्टी की रणनीति को लेकर सवाल उठे थे। अब केजरीवाल के ताजा बयान से साफ है कि पार्टी नेतृत्व इस घटनाक्रम को भविष्य के लिए एक बड़ी राजनीतिक सीख के तौर पर देख रहा है।