विवाह, तलाक और विरासत जैसे मामलों में एकरूपता की दिशा में बढ़ेगा कदम; NRC पर बोले- अभी चर्चा जारी है
मुंबई, 13 सितंबर 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC) को लेकर रविवार को बड़ा ऐलान किया। मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाह ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले NDA की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में UCC लागू करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में पहले ही समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है और बाकी राज्यों में भी इसे लागू किया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार UCC को लेकर प्रतिबद्ध है। इसका उद्देश्य अलग-अलग धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों की जगह विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है।
महाराष्ट्र में भी तेज हो सकती है प्रक्रिया
अमित शाह के ऐलान के बाद महाराष्ट्र में भी UCC को लेकर चर्चा तेज होने के संकेत हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता जता चुके हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इस विषय पर अध्ययन और सुझावों के लिए एक समिति गठित की है।
UCC में किन मामलों पर पड़ेगा असर?
समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य अलग-अलग समुदायों के लिए लागू व्यक्तिगत कानूनों की जगह नागरिक मामलों में समान नियम तैयार करना है। इसके दायरे में मुख्य रूप से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे विषय आते हैं। हालांकि अलग-अलग राज्यों में कानून का स्वरूप और प्रावधान वहां की प्रक्रिया के अनुसार तय होंगे।
NRC पर भी अमित शाह ने दिया जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर भी सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि मणिपुर में इस मुद्दे पर सहयोगियों और राजनीतिक दलों के साथ चर्चा चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्णय होने के बाद इसकी जानकारी दी जाएगी। देशभर में NRC लागू करने की कोई निश्चित समयसीमा उन्होंने घोषित नहीं की।
आतंकवाद और सुरक्षा नीति पर भी बोले शाह
अमित शाह ने सरकार की सुरक्षा नीति का जिक्र करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
शाह ने 2014 के बाद देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था में आए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति से निकलकर प्रदर्शन आधारित राजनीति की ओर बढ़ा है। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि का भी उल्लेख किया।
खास बात: UCC को 2029 से पहले 21 NDA शासित राज्यों में लागू करने का यह बयान अब इस मुद्दे को राज्यों की राजनीति और आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी से भी जोड़ रहा है।