कॉलेज से शुरू हुआ रिश्ता, नौकरी लगते ही मुकरा आरोपी; कोर्ट ने SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में सुनाई सख्त सजा
रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में एक गंभीर मामले में अदालत ने कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने युवती को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में जाति का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया।
मामले के अनुसार, पीड़िता बिलासपुर जिले की रहने वाली है और जगदलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज में आरोपी के साथ पढ़ती थी। पढ़ाई के दौरान दोनों के बीच पहचान हुई और बाद में रायपुर में कोचिंग के समय आरोपी ने युवती को प्रपोज किया। शुरुआत में पीड़िता ने जाति अलग होने के कारण मना कर दिया, लेकिन आरोपी ने भरोसा दिलाया कि नौकरी लगने के बाद वह उससे शादी करेगा।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने रायपुर में किराए के मकान में पहली बार शादी का झांसा देकर संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार शादी का भरोसा देकर संबंध बनाता रहा।
साल 2024 में आरोपी की नौकरी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर लग गई। इसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि आरोपी उसे ‘सतनामी समाज की लड़की’ कहकर अपमानित करने लगा और शादी से साफ इनकार कर दिया।
पीड़िता के अनुसार, नवंबर 2025 में आरोपी ने उसे मानपुर बुलाया और फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। 4 दिसंबर 2025 को रायपुर बुलाकर आरोपी ने साफ कह दिया कि वह उससे शादी नहीं करेगा क्योंकि वह सतनामी समाज से है।
इस मामले में पीड़िता की मां और भाई ने भी अदालत में बयान दिया। उन्होंने बताया कि युवती ने पहले ही आरोपी के झांसे और बाद में जाति के नाम पर शादी से इनकार की जानकारी दी थी।
मेडिकल जांच में भी युवती के साथ शारीरिक संबंध बनने की पुष्टि हुई, जिसे कोर्ट ने साक्ष्य के रूप में माना।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म और SC/ST एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया गया।