माता-पिता ने पढ़ाई के लिए बेचे गहने, कठिन हालात के बावजूद मेरिट पर हासिल की बड़ी सफलता
पाकिस्तान। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले दो युवाओं ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सिंध प्रांत के रहने वाले जीवन रेबारी और खेम चंद जंदोरा ने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (CSS) पास कर इतिहास रच दिया है।
खास बात यह है कि जीवन रेबारी ने यह सफलता सामान्य मेरिट के आधार पर हासिल की, जबकि खेम चंद के परिवार को उनकी पढ़ाई के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खेम चंद की शिक्षा पूरी कराने के लिए उनके माता-पिता ने कर्ज लिया और मां ने अपने गहने तक बेच दिए।
वहीं जीवन रेबारी ने भी बेहद सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई जारी रखी। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें गुरुद्वारे में रहकर लंगर के सहारे अपना गुजारा करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे।
बताया जा रहा है कि इस परीक्षा में देशभर से हजारों उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिनमें से बहुत कम ही अंतिम चयन तक पहुंच पाए। ऐसे में इन दोनों युवाओं की सफलता न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे समुदाय के लिए प्रेरणा बन गई है।
बहरहाल कठिन परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्य हासिल करने की यह कहानी बताती है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।