नई दिल्ली। राजधानी के तुर्कमान गेट स्थित फैज़‑ए‑इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के लिए पुलिस और नगर निगम (MCD) की संयुक्त टीम जब 6‑7 जनवरी की मध्यरात्रि को कार्यवाही करने पहुँची, तो वहां भारी पथराव हुआ। इस दौरान स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मी और MCD कर्मचारियों पर पत्थर फेंके, जिसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
कार्रवाई क्या थी?
दिल्ली पुलिस और MCD की टीम देर रात करीब 1 बजे फैज़‑ए‑इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर और अन्य मशीनों के साथ पहुंची। यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय / आदेश के तहत की जा रही थी। अवैध अतिक्रमण में बारात हाल, डायग्नोस्टिक सेंटर, बाउंड्री वॉल और अन्य ढांचे शामिल बताए जा रहे हैं जिन्हें हटाया जा रहा था।
हिंसक तनाव और पथराव:-
जैसे ही टीमें कार्यवाही शुरू कर रही थीं, कुछ स्थानीय लोग और आंदोलनकारियों ने पुलिस और MCD कर्मचारियों पर पत्थर और बोतलें फेंकी। इस पथराव में कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। पुलिस ने भीड़ को तितर‑बितर करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि:-
MCD ने पहले से पुलिस को कार्रवाई की सूचना दी थी और कानून‑व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। पथराव करने वाले लगभग 20‑30 लोग शामिल थे, जिनमें से कुछ को हिरासत में लिया गया है और आगे FIR दर्ज कर छानबीन जारी है।
सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो की मदद से पथराव और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। मस्जिद की संरचना को कार्रवाई के दौरान किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
घायल पुलिसकर्मी और घायल‑आईसीयू स्थिति:-
घायल पुलिसकर्मियों में केंद्रीय दिल्ली के पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं, हालांकि सूत्रों ने बताया कि चोटें गंभीर नहीं थी और उन्हें अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय लोगों को कार्रवाई से पहले कानूनी वैधता के बारे में भी समझाया गया था।
यह विवाद भावनात्मक रूप से संवेदनशील इलाके में हुआ है, जहाँ मस्जिद के आस‑पास की जमीन पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण उच्च न्यायालय के आदेश के तहत हटाए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में इससे असंतोष और तनाव पैदा हो गया, जिसके चलते हिंसा भड़क उठी।
क्या रहेगा आगे?
पुलिस FIR दर्ज कर चुकी है और CCTV फुटेज, मोबाइल वीडियो और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। पथराव करने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। इलाके में शांति‑व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी जारी है।