अदालत ने हत्या का दोषी मानते हुए सुनाई सख्त सजा
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक युवती की मौत के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी महिला ईश्वरी साहू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला कथित ‘चमत्कारी इलाज’ और झाड़-फूंक के नाम पर किए गए अमानवीय व्यवहार से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, रायपुर के पंडरी क्षेत्र की रहने वाली 18 वर्षीय योगिता सोनवानी को उसकी मां ने इलाज के लिए आरोपी के पास भेजा था। आरोप है कि महिला ने युवती को करीब तीन महीने तक अपने घर में रखकर उसके साथ शारीरिक प्रताड़ना की।
जांच में सामने आया कि युवती के साथ कथित उपचार के दौरान गंभीर मारपीट और दबाव डाला गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पसलियां टूटने और दबाव के कारण कार्डियक अरेस्ट से मौत की पुष्टि हुई।
मामले में यह भी आरोप लगा कि आरोपी ने इलाज के बहाने धार्मिक प्रथाओं का पालन करने के लिए दबाव बनाया। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुख्य रूप से हत्या और अवैध बंधक बनाकर प्रताड़ना के अपराध को गंभीर मानते हुए सजा सुनाई।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने अप्रैल 2026 में दोष सिद्ध मानते हुए उम्रकैद और अन्य धाराओं में अतिरिक्त सजा सुनाई।
कुल मिलाकर यह मामला अंधविश्वास और झूठे इलाज के नाम पर हो रहे अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देता है कि ऐसे कृत्यों को कानून में कड़ी सजा मिलती है।