भिलाई। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) प्रबंधन द्वारा लिए जा रहे जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने की घोषणा की है। विधायक यादव 20 दिसंबर और 21 दिसंबर को सिविक सेंटर भिलाई चौक पर सुबह 10 बजे से धरना देंगे और इस दौरान दो दिवसीय उपवास रखकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे।
विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि सेल–बीएसपी प्रबंधन द्वारा बजट में कटौती के नाम पर कार्मिकों, ठेका श्रमिकों, सेवानिवृत्त एवं पूर्व कार्मिकों को मिलने वाली शिक्षा, चिकित्सा और आवास जैसी अनिवार्य सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रिटेंशन स्कीम और लीज के अंतर्गत आबंटित आवासों की शर्तों में एकतरफा बदलाव करते हुए किराए की दरों में मनमानी वृद्धि की गई है। इसके साथ ही लीजधारियों को नोटिस जारी कर आवास खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे हजारों परिवार मानसिक तनाव में हैं।
विधायक यादव ने आरोप लगाया कि संयंत्र में वर्षों से कार्यरत श्रमिकों की छंटनी की जा रही है तथा ठेका श्रमिकों को उनका वैधानिक न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेज) भी नहीं दिया जा रहा है। भारत सरकार के श्रम मंत्रालय द्वारा निर्धारित दरों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे श्रमिकों का आर्थिक शोषण हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सेक्टर-9 अस्पताल के निजीकरण, हाउस फॉर ऑल स्कीम में अनियमितताओं और बीएसपी टाउनशिप के बाजारों में स्थित दुकानों के लीज नवीनीकरण जैसे मुद्दों पर भी प्रबंधन का रवैया जनविरोधी है।
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा रिवर्स बिडिंग जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है और संयंत्र को धीरे-धीरे निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है, जिसका वे पुरजोर विरोध करेंगे।
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व वे बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज श्री सी. आर. महापात्र से मुलाकात कर कार्मिकों और आम नागरिकों की समस्याओं से अवगत करा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने नई रिटेंशन स्कीम को कार्मिक एवं जनहित में वापस लेने, रिवर्स बिडिंग बंद करने, श्रम मंत्रालय द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, बीएसपी टाउनशिप के बाजारों में दुकानों के लीज से जुड़े मामलों का शीघ्र निराकरण करने तथा निराकरण होने तक किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई न करने की मांग करते हुए पत्र भी सौंपा था।
विधायक यादव ने स्पष्ट किया कि यदि बीएसपी प्रबंधन जनहित और श्रमिक हित के इन मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो यह आंदोलन आगे भी व्यापक रूप ले सकता है। उन्होंने नागरिकों, कार्मिकों, श्रमिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से शांतिपूर्ण गांधीवादी आंदोलन में सहभागी बनने की अपील की है।