नीम की डालियों से सजा घर का द्वार, चिला का लगाया भोग; विधायक ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की
भिलाई। छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकपर्व हरेली तिहार पर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने अपने परिवार के साथ पारंपरिक अंदाज में पर्व मनाया। हरेली की सुबह उनके निवास पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और कृषि परंपरा की झलक देखने को मिली। परिवार के साथ उन्होंने खेती-किसानी में उपयोग होने वाले कृषि औजारों और जरूरी सामग्रियों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
विधायक देवेंद्र यादव ने अपने घर के मुख्य द्वार पर नीम की डालियां लगाकर हरेली की पारंपरिक रस्म निभाई। इसके बाद कृषि औजारों की पूजा की गई। पूजा-अर्चना के बाद छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार चिला का भोग लगाया गया और परिवार के सदस्यों के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
हरेली तिहार की शुभकामनाएं देते हुए देवेंद्र यादव ने कहा कि हरेली महज एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी, खेती-किसानी, प्रकृति और लोक संस्कृति से जुड़ा उत्सव है। यह पर्व हमारी पुरानी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी देता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं में प्रकृति, स्वास्थ्य और कृषि का गहरा संबंध रहा है। आज के दौर में नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि हरेली जैसे पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और खुशहाली का संदेश देते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी फसल की कामना करते हुए हरेली तिहार की बधाई दी।