गेस पेपर’ के नाम पर करोड़ों का खेल, कई राज्यों में फैले गिरोह की तलाश तेज
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब देशव्यापी नेटवर्क तक पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में सक्रिय था। जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार चलाया जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र ‘गेस पेपर’ के नाम पर छात्रों को उपलब्ध कराया। जांच में सामने आया है कि इसके बदले अभ्यर्थियों से 10 लाख से 45 लाख रुपये तक वसूले गए। CBI को डिजिटल चैट, PDF फाइल और पैसों के लेन-देन से जुड़े अहम सबूत भी मिले हैं।
मामले में महाराष्ट्र के नासिक और पुणे से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्तर से लीक हुआ और इसमें किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही। CBI ने अदालत में भी बड़े नेटवर्क और संभावित सरकारी संलिप्तता की आशंका जताई है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए अगले वर्ष से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का संकेत दिया है।