नई दिल्ली में 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में आर्थिक सुरक्षा, रक्षा सह-विकास, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती देने वाले कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रक्षा, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
शिखर वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने पहली बार रक्षा उपकरणों के सह-विकास (Co-development) से जुड़े समझौते को अंतिम रूप दिया। साथ ही AI, आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए नई साझेदारी का रोडमैप भी तैयार किया गया। जापान की अत्याधुनिक तकनीक और भारत की डिजिटल एवं सॉफ्टवेयर क्षमता को जोड़कर वैश्विक स्तर पर नई तकनीकी संभावनाएं विकसित करने पर जोर दिया गया।
दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, जहाज निर्माण, बायोगैस, महत्वपूर्ण खनिज और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया। इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित समुद्री क्षेत्र बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
बैठक में निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। जापान पहले से ही भारत में प्रमुख निवेशकों में शामिल है और दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में आर्थिक सहयोग को और व्यापक बनाने का संकल्प दोहराया।