लूट, मारपीट, अवैध हथियार और शराब बिक्री समेत कई गंभीर मामलों में दर्ज हैं केस; एक सप्ताह में दुर्ग व 6 सीमावर्ती जिलों की सीमा छोड़नी होगी
दुर्ग। जिले के आदतन अपराधियों पर सख्ती जारी रखते हुए जिला दण्डाधिकारी दुर्ग ने सोमेश वैष्णव (37), निवासी ग्राम अंजोरा, थाना पुलगांव को एक वर्ष के लिए जिलाबदर करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई दुर्ग पुलिस के प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत की गई है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार सोमेश वैष्णव के खिलाफ वर्ष 2002 से 2023 के बीच लूट, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, अवैध हथियार रखने और अवैध शराब बिक्री सहित कुल 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं। कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं आया।
जिला दण्डाधिकारी ने उपलब्ध अभिलेखों और पुलिस प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद पाया कि आरोपी की गतिविधियों से क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बन रहा है तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए उसके विरुद्ध जिलाबदर का आदेश जारी किया गया।
आदेश के अनुसार आरोपी को एक सप्ताह के भीतर दुर्ग जिले के साथ-साथ राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, बेमेतरा, बालोद और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की सीमाओं से बाहर जाना होगा। साथ ही एक वर्ष तक सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
पुलिस ने नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और किसी भी आपराधिक या असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आदतन अपराधियों के विरुद्ध विधिसम्मत और प्रभावी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।