सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वन विभाग के रेस्ट हाउस में आयोजित नए साल 2026 की पार्टी अब राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। 1 जनवरी 2026 के आसपास हुई इस पार्टी का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें बार-बालाएं अश्लील और आपत्तिजनक अंदाज में डांस करती नजर आ रही हैं।
वीडियो में यह भी साफ दिखाई देता है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, जिससे प्रशासनिक भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जैसे ही यह वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लोगों ने सवाल उठाए कि सरकारी वन विभाग के रेस्ट हाउस में ऐसी पार्टी की अनुमति किसने दी?
पुलिस की मौजूदगी में नियमों की खुलेआम अनदेखी कैसे हुई?
क्या यह सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग नहीं है?
मंत्री रामविचार नेताम का विवादित बयान:
इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ़ सरकार में कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बयान आग में घी डालने जैसा साबित हुआ।
बैकुंठपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री नेताम ने हंसते हुए कहा कि अश्लील डांस कला ही तो है। कला ‘सीताराम’ जाप तक सीमित नहीं रहती। कला अलग-अलग रूपों में हो सकती है। अगर रेस्ट हाउस में भी कला जागृत हो रही है, तो इसमें बुराई क्या है?
उन्होंने यह भी सवाल किया कि वीडियो बनाने वालों ने किससे अनुमति ली थी? फोटो-वीडियो लेने किसने कहा था?
मंत्री के इस बयान ने मामले को प्रशासनिक से अधिक नैतिक और सांस्कृतिक बहस में बदल दिया।
कांग्रेस का तीखा पलटवार:
मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा यह भाजपा की कला है, छत्तीसगढ़ की नहीं। मंत्री का यह बयान छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा का खुला अपमान है।
दीपक बैज ने सवाल उठाया कि;क्या अब कला के नाम पर सरकारी परिसरों में अश्लीलता को बढ़ावा दिया जाएगा?
क्या सांस्कृतिक मंचों और कला केंद्रों में भी इसी तरह की ‘कला’ को मंजूरी मिलेगी?
युवा कांग्रेस का हमला:
युवा कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए एक वीडियो जारी किया और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में संस्कृति और नैतिकता का पतन हो रहा है,
मंत्री का बयान सरकार की मानसिकता को उजागर करता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और असर:
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब भाजपा सरकार पहले से ही कई मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर है।
सूरजपुर जिला इससे पहले भी अपराध, प्रशासनिक लापरवाही, कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्री रामविचार नेताम का बयान भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है और विपक्ष इसे आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक हथियार बना सकता है।
कुल मिलाकर सूरजपुर वन विभाग रेस्ट हाउस में नए साल की पार्टी का मामला अब केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा। यह सरकारी संसाधनों के उपयोग, प्रशासनिक जिम्मेदारी, सांस्कृतिक मूल्यों और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।
आने वाले दिनों में जांच, बयानबाजी और राजनीतिक दबाव के साथ यह विवाद और गहराने की संभावना है।