विकसित भारत-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी और सतत विकास को नई दिशा देगी। यह योजना ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान और ग्रामसभा आधारित कार्ययोजनाओं के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
योजना के शुभारंभ अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आजीविका संवर्धन, आधारभूत संरचना विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं तथा सामूहिक प्रयासों से ही स्थायी विकास के लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत पहले मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार को बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है। ग्रामसभाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों का चयन और अनुमोदन किया जाएगा, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
मंत्री ने कहा कि योजना में जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि आधारित गतिविधियों और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और दीर्घकालिक विकास को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और संबंधित विभागों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान ‘विकसित भारत-जी रामजी योजना’ और ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान पर आधारित प्रेरणादायी लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने नशा मुक्त भारत तथा बाल विवाह उन्मूलन की सामूहिक शपथ ली। वहीं, मनरेगा के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।