पीएम पैकेज के तहत 20 स्थानों पर बनाए जा रहे 6,000 आवास; लिफ्ट, सड़क, ड्रेनेज और कम्युनिटी हॉल का काम भी अंतिम चरण में
नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत जम्मू-कश्मीर की घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के लिए आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। 20 अलग-अलग स्थानों पर स्वीकृत 6,000 फ्लैटों में से करीब 5,176 फ्लैटों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष कार्य पूरा होने के बाद पात्र कर्मचारियों को इन आवासों का कब्जा चरणबद्ध तरीके से सौंपा जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं का काम भी लगभग पूरा
आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा के लिए हुई उच्चस्तरीय बैठक में आवासीय परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल कुमार सिंह और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती ने की।
अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर आवासीय स्थलों पर फ्लैटों के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाओं का काम भी अंतिम चरण में है। इनमें लिफ्ट, आंतरिक सड़कें, जल निकासी व्यवस्था और कम्युनिटी हॉल जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
तय समय-सीमा में सौंपे जाएंगे फ्लैट
अधिकारियों ने शेष निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के लिए सख्त समय-सीमा तय की है। निर्देश दिए गए हैं कि पहले से निर्धारित सरकारी नियमों और आवंटन सूची के आधार पर पात्र कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को तैयार फ्लैटों का कब्जा फेज-वाइज यानी चरणबद्ध तरीके से दिया जाए।
जम्मू के प्रवासी शिविरों के लिए 82.45 करोड़ रुपये
बैठक में जम्मू स्थित प्रवासी शिविरों के पुनर्निर्माण और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। पुराने ब्लॉकों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने 82.45 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द काम शुरू होने की बात कही गई है।
इसके अलावा प्रवासी शिविरों में संचालित स्कूलों, स्वास्थ्य डिस्पेंसरियों, पार्कों और आंतरिक सड़कों के उन्नयन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जगती में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन का निर्माण पूरा हो चुका है।
चार शिविरों में 20 करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं
सरकार ने जम्मू के पुरखू, नगरोटा, मुट्ठी और जगती स्थित शिविरों में चालू वित्त वर्ष के दौरान करीब 20 करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की तैयारी शुरू की है। इन परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है।
वहीं सुकेतार में प्रस्तावित ‘PoJK भवन’ के निर्माण की भी समीक्षा की गई और इसे चालू वित्त वर्ष के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
पहले के सरकारी आंकड़ों से क्या पता चलता है?
केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में राज्यसभा में बताया था कि कश्मीरी प्रवासी कर्मचारियों के लिए घाटी में 20 स्थानों पर 6,000 ट्रांजिट आवास स्वीकृत किए गए हैं। उस समय सरकार के अनुसार 4,112 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका था और 3,257 आवास आवंटित किए जा चुके थे। सितंबर की ताजा समीक्षा में निर्माण पूरा होने वाले आवासों की संख्या करीब 5,176 बताई गई है।
इस तरह सरकार की ताजा समीक्षा के मुताबिक आवास परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है और तैयार आवासों को पात्र कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।