प्रेम प्रकाश पांडे ने शासन के सामने उठाया था मुद्दा, फैसले के बाद धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों की समितियों पर घटेगा आर्थिक बोझ
भिलाई। सार्वजनिक गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव समितियों को राज्य शासन के फैसले से बड़ी राहत मिली है। सार्वजनिक आयोजनों के लिए लगाए जाने वाले पंडालों पर अब 3.50 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से कर नहीं देना होगा। शासन के इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में सार्वजनिक गणेश और दुर्गा उत्सव के पंडाल कर के दायरे से बाहर हो गए हैं।
पंडालों पर कर लगाए जाने को लेकर अलग-अलग जिलों में उत्सव समितियों की ओर से आपत्ति जताई जा रही थी। समितियों का कहना था कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए अस्थायी रूप से लगाए जाने वाले पंडालों पर अतिरिक्त कर लगने से आयोजन का खर्च बढ़ रहा है। खासकर छोटे और स्थानीय स्तर पर उत्सव आयोजित करने वाली समितियों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रहा था।
प्रेम प्रकाश पांडे ने शासन के समक्ष उठाया मामला
पंडालों पर लगाए जा रहे कर के मुद्दे को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे ने गंभीरता से लिया। उन्होंने राज्य शासन के समक्ष इस विषय को प्रमुखता से उठाते हुए मांग रखी कि धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाने वाले पंडालों से कर नहीं लिया जाना चाहिए।
पांडे का कहना था कि गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव जैसे आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। ऐसे आयोजनों में समितियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालने के बजाय उन्हें सुविधा दी जानी चाहिए।
अब निगम और निकायों में नहीं देना होगा पंडाल कर
शासन के फैसले के बाद सार्वजनिक उत्सव समितियों को नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में पंडाल के लिए 3.50 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से कर जमा नहीं करना पड़ेगा। इससे समितियों के आयोजन खर्च में कमी आएगी।
कर के रूप में खर्च होने वाली राशि को अब समितियां उत्सव की अन्य व्यवस्थाओं में इस्तेमाल कर सकेंगी। इसका उपयोग पंडाल की साज-सज्जा, धार्मिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं में किया जा सकेगा।
समितियों ने जताया आभार
इस निर्णय को सार्वजनिक गणेश और दुर्गा उत्सव समितियों के लिए राहत वाला कदम बताते हुए नगर निगम भिलाई के पूर्व सभापति राजेंद्र सिंह अरोरा ने प्रेम प्रकाश पांडे और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
अरोरा ने कहा कि पंडालों पर लगाया जा रहा कर उत्सव समितियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ था। शासन के निर्णय से समितियों को राहत मिलेगी और वे बची हुई राशि का उपयोग अपने धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को बेहतर तरीके से करने में कर सकेंगी।
इस फैसले को लेकर उत्सव समितियों में भी राहत का माहौल है। आने वाले गणेश उत्सव और दुर्गा उत्सव के दौरान सार्वजनिक पंडाल लगाने वाली समितियों को अब कर भुगतान की अतिरिक्त चिंता नहीं रहेगी।