नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) के अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने नशे को लेकर सख्त और स्पष्ट संदेश दिया। महाराज ने कहा कि नशा व्यक्ति के भविष्य, परिवार और समाज तीनों को बर्बाद करता है, इसलिए युवाओं को इससे पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए।
प्रेमानंद महाराज ने DUSU प्रेसिडेंट से कहा कि केवल खुद नशे से दूर रहना ही काफी नहीं है, बल्कि अपने मित्रों और साथियों को भी इस बुरी लत से बचाने की जिम्मेदारी युवाओं को लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पढ़ाई और नेतृत्व की उम्र में नशा इंसान को गलत रास्ते पर ले जाता है।
महाराज ने छात्रसंघ अध्यक्ष से कहा कि जो व्यक्ति नेतृत्व की भूमिका में होता है, उसे खुद उदाहरण बनकर दिखाना चाहिए। अगर युवा नेता नशे से दूर रहेंगे, तो समाज और कैंपस में भी उसका सकारात्मक संदेश जाएगा।
इस बातचीत के दौरान यह भी सामने आया कि DUSU अध्यक्ष के परिवार का हरियाणा में शराब से जुड़ा कारोबार है। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि पारिवारिक व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन के मूल्यों को अलग-अलग रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चाहे परिस्थितियां जैसी भी हों, व्यक्ति को अपने आचरण और आदतों पर नियंत्रण रखना चाहिए।
प्रेमानंद महाराज ने युवाओं से अपील करते हुए कहा- नशा कभी समाधान नहीं होता। यह सिर्फ भ्रम देता है और अंत में जीवन को अंधकार की ओर ले जाता है। पढ़ाई, संस्कार और सेवा यही सही मार्ग है।
यह मुलाकात और संदेश ऐसे समय में आया है, जब देशभर में युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर चिंता जताई जा रही है। महाराज का यह बयान छात्र राजनीति और कैंपस संस्कृति पर भी सीधा असर डालने वाला माना जा रहा है।