किरंदुल-कोतावालसा रेल लाइन पर 4-5 जगह भूस्खलन, ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित; इंद्रावती खतरे के निशान से ऊपर, राष्ट्रीय राजमार्ग भी बाधित
बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश के कारण जहां कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, वहीं सड़क और रेल संपर्क भी प्रभावित हुआ है। ओडिशा में भारी बारिश के चलते किरंदुल-कोतावालसा रेल लाइन पर जयपुर से कोरापुट के बीच करीब 4 से 5 स्थानों पर लैंडस्लाइड और रेल मार्ग क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इसके चलते यात्री ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
रेल लाइन पर भूस्खलन, कई ट्रेनें प्रभावित
भारी बारिश के बीच ओडिशा के मलिगुड़ा-छतरीपुट के बीच भूस्खलन के बाद रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर कई ट्रेनों को रद्द किया है और कुछ ट्रेनों को कोरापुट तक सीमित किया गया है। 25 सितंबर को किरंदुल-विशाखापत्तनम पैसेंजर और किरंदुल-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस सहित कुछ सेवाएं प्रभावित रहीं।
किरंदुल-कोतावालसा रेल लाइन को इससे पहले अक्टूबर 2014 में हुदहुद तूफान के दौरान भी बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा था। उस समय जयपुर-कोरापुट रेलखंड में कई स्थानों पर लैंडस्लाइड और पटरी बहने की घटनाएं सामने आई थीं।
बस्तर में बाढ़ का बढ़ता खतरा
लगातार पांच दिनों से हो रही बारिश के कारण बस्तर में इस साल की बड़ी बाढ़ की स्थिति बन गई है। नारायणपाल गांव में पानी तेजी से बढ़ने की सूचना है। कई सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं और खेत-खलिहानों में भी पानी भर गया है।
जगदलपुर के लालबाग क्षेत्र में जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ है। मेडिकल कॉलेज रोड भी बाधित होने की सूचना है। इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। जगदलपुर पुराने पुल पर खतरे का निशान 8.30 मीटर बताया गया है, जबकि सुबह जलस्तर 9.50 मीटर तक पहुंच गया।
बांधों के गेट खुलने से बढ़ सकती है परेशानी
ओडिशा स्थित खातिगुड़ा बांध के तीन गेट खोले जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा इंद्रावती की सहायक मोरान नदी से जुड़े बांध का भी एक गेट खोला गया है। ऐसे में बस्तर क्षेत्र में नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
एनएच-30 और एनएच-63 भी प्रभावित
भारी बारिश और बाढ़ का असर सड़क परिवहन पर भी पड़ा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर जगदलपुर और केशलूर के बीच आवागमन बाधित हुआ है। वहीं बीजापुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-63 पर भी कुछ स्थानों पर बाढ़ के कारण रास्ता प्रभावित होने की सूचना है।
बालोद में स्कूलों पर भी असर
लगातार बारिश को देखते हुए बालोद जिले में 25 सितंबर को सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया। हालांकि आदेश स्कूल खुलने के बाद जारी होने से अभिभावकों और विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी। 25 सितंबर को होने वाली परीक्षाओं को अब 28 सितंबर को पूर्व निर्धारित समय पर कराने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बस्तर में लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है। निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जिन पुल-पुलियों पर पानी बह रहा है, वहां सुरक्षा के लिए आवागमन प्रतिबंधित किया गया है।
फिलहाल बारिश का दौर जारी रहने से बस्तर संभाग में सड़क, रेल और नदी-नालों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से जलभराव और तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील की जा रही है।