रावलाकोट को बताया ‘युद्ध क्षेत्र’ जैसा, पाक सेना पर राशन रोकने और आंदोलन कुचलने का लगाया आरोप; 5 जुलाई के प्रदर्शन में एकजुटता की अपील
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख नेताओं में शामिल सरदार अमन खान ने आरोप लगाया है कि रावलाकोट और आसपास के इलाकों में हालात “युद्ध क्षेत्र” जैसे बन गए हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने आटा, अनाज और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति तक रोक दी है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरदार अमन खान ने 5 जुलाई को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, कारगिल, श्रीनगर और जम्मू के लोगों से समर्थन और एकजुटता की अपील की है। उनका कहना है कि यह संघर्ष नागरिक अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं के लिए है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद-रोधी कानून के तहत JAAC पर प्रतिबंध लगाया है और संगठन से जुड़े 150 से अधिक लोगों को निगरानी सूची में डाल दिया है। हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों की भी खबरें सामने आई हैं।
सरदार अमन खान ने एक सार्वजनिक सभा में यह भी दावा किया कि अतीत में पाकिस्तान की सेना ने स्वयं कश्मीरियों को हथियार उपलब्ध कराए थे, जबकि अब उन्हीं लोगों को आतंकवादी बताया जा रहा है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।