पूर्व ट्रावणकोर देवस्वम बोर्ड अध्यक्ष ए. पद्मकुमार ने दावा किया कि 2019 में दो महिलाओं के प्रवेश के दिन उन्हें और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को जानबूझकर दूर रखा गया था।
तिरुवनंतपुरम। केरल के चर्चित सबरीमाला महिला प्रवेश विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। विवाद तब फिर उभरा जब ट्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) के पूर्व अध्यक्ष ए. पद्मकुमार से जुड़े कुछ दावे मीडिया में सामने आए। इन दावों के अनुसार, जनवरी 2019 में दो महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश के दौरान उन्हें और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को जानबूझकर सन्निधानम क्षेत्र से दूर रखा गया था।
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उस समय एक “बेहद प्रभावशाली व्यक्ति” ने पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया था। हालांकि पद्मकुमार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इन दावों पर विस्तृत बयान नहीं दिया है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए CPI(M) के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने कहा कि इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देना पद्मकुमार की जिम्मेदारी है और पार्टी हर आरोप का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है।
गौरतलब है कि 2018 में सबरीमाला टेंपल में 10 से 50 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने असंवैधानिक करार दिया था। इसके बाद 2019 में दो महिलाओं के मंदिर प्रवेश को लेकर पूरे केरल में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए थे।
नए दावों के सामने आने के बाद यह संवेदनशील मुद्दा एक बार फिर केरल की राजनीति और धार्मिक विमर्श के केंद्र में आ गया है।