रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लेकर की गई टिप्पणी के बाद साहू समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। समाज ने बयान को अपमानजनक बताते हुए 10 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा में माफी नहीं मिलने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
साहू समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि अरुण साव समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ नेता हैं और इस तरह की भाषा सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाली है। समाज ने जिलों में ज्ञापन सौंपने और आगे की रणनीति तय करने का भी ऐलान किया है।
साहू समाज ने अपने बयान में 2022 के क्वांटिफायबल डेटा का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा आबादी साहू समाज की है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में साहू समाज की संख्या 30 लाख 5 हजार 661 है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में कुल 1 करोड़ 25 लाख 7 हजार 169 की आबादी वाले OBC वर्ग में साहू समाज सबसे बड़ा समूह है। इस वर्ग में 95 जातियां शामिल हैं, जिन्हें OBC और आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणियों में रखा गया है।
अन्य प्रमुख OBC जातियों की संख्या
आंकड़ों के अनुसार-
प्रदेश में दूसरी सबसे बड़ी OBC जाति यादव है, जिनकी संख्या 22 लाख 67 हजार 500 बताई गई है।
तीसरे स्थान पर निषाद समाज है, जिनकी आबादी 11 लाख 91 हजार 818 है।
चौथे नंबर पर कुशवाहा समाज के सदस्य हैं, जिनकी संख्या 8 लाख 98 हजार 628 है।
वहीं पांचवें स्थान पर कुर्मी समाज आता है।
साहू समाज ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत या जातिसूचक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। समाज ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक नेता का नहीं, बल्कि पूरे समाज के सम्मान से जुड़ा है।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि भूपेश बघेल तय समय में माफी मांगते हैं या फिर यह विवाद आंदोलन का रूप लेता है।