भिलाई। शहर के रिसाली इलाके में रहने वाले भिलाई स्टील-प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारी से साइबर ठगों ने करीब ₹37.50 लाख की ठगी की है। यह ठगी फेसबुक पर दिखाए गए आकर्षक निवेश विज्ञापन के चक्कर में हुई, जिसमें बुज़ुर्ग को बड़े मुनाफे का झांसा देकर उनका जीवन-भर का जमा पैसा लालच में फंसाया गया।
यह मामला फरवरी 2024 में शुरू हुआ, जब निरंजन प्रसाद, जो भिलाई स्टील-प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारी हैं, ने फेसबुक चलाते समय एक निवेश-सम्बंधित विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दावा किया गया कि निवेश करने पर बैंक की तुलना में बहुत अधिक प्रॉफिट और मुनाफा मिलेगा।
भोजपुर निवासी निरंजन ने निवेश के बारे में जानकारी लेने के लिए विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन पर बात करने वाले ठगों ने खुद को निवेश एक्सपर्ट बताया और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित रहेगा और हर महीने 4% लाभ मिलेगा।
ठगों ने शुरुआत में निरंजन को छोटी-छोटी राशि पर लाभांश भेजा ताकि वे समझें कि योजना असली है। इस तरह से उन्होंने उनका विश्वास जीता। फिर धीरे-धीरे उन्होंने कहा कि बड़ा निवेश करने से और अधिक मुनाफा मिलेगा। इस विश्वास के चलते निरंजन ने अलग-अलग किश्तों में कुल ₹37.50 लाख ठगों के बताए फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि यह रकम किसी एक खाते में नहीं, बल्कि पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में संचालित छह अलग-अलग फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में भेजी गई थी। इतना साफ और पेशेवर तरीक़े से पैसा भेजा गया कि निरंजन को कोई शक नहीं हुआ कि यह सब फर्जी है।
लगभग चार महीने बाद अचानक उनको मिलने वाला लाभांश बंद हो गया। जब निरंजन ने उन सारी फोन नंबरों पर कॉल किया जिनसे पहले संपर्क हुआ करता था, तो वे सभी नंबर बंद निकले। काफी कोशिशों के बावजूद किसी से संपर्क नहीं हो पाया, तब उन्हें समझ आया कि वे बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं।
पीड़ित निरंजन प्रसाद तुरंत नेवई थाना पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आज्ञात ठगों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी है। मामला आगे की जांच के लिए साइबर सेल को सौंप दिया गया है। साइबर एक्सपर्ट अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस कर रहे हैं जिनके जरिए यह बड़ी ठगी की गई।
विश्लेषकों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि: सोशल मीडिया पर दिखाए गए अत्यधिक मुनाफे के विज्ञापनों पर भरोसा न करें। कोई भी वैध बैंक या निवेश कंपनी फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर हर महीने भारी मुनाफा देने का दावा नहीं करती।
पहले जांच-पड़ताल करें और किसी वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लें। अनजान लोगों द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और अनजाने खातों में पैसे ट्रांसफर न करें। अगर आपको किसी संदिग्ध निवेश या धोखाधड़ी का संदेह हो तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर सेल को सूचना दें।