उरला की करीब 10 हजार वर्गफीट जमीन का सौदा कर प्रार्थी से लिए थे 10.01 लाख रुपए, बाद में अधिक कीमत पर दूसरे व्यक्ति के नाम कर दी रजिस्ट्री; दो आरोपी अब भी फरार
दुर्ग। जमीन खरीद-बिक्री में कम समय में ज्यादा लाभ का भरोसा देकर 10.01 लाख रुपए लेने और बाद में उसी जमीन को किसी दूसरे व्यक्ति को अधिक कीमत पर बेच देने के मामले में मोहन नगर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की (38) निवासी मैत्री नगर, रिसाली, भिलाई के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक शांति नगर निवासी विजय सिंह चौहान (53) ने 14 सितंबर 2026 को थाना मोहन नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में उनकी पहचान अजय साहू से हुई थी। अजय ने खुद को जमीन की खरीद-बिक्री का काम करने वाला बताया और विजय की मुलाकात लोकेश खुल्लर और अमित साहू से कराई।
10 हजार वर्गफीट जमीन का दिखाया सौदा
आरोपियों ने विजय को उरला, दुर्ग स्थित करीब 10 हजार वर्गफीट जमीन दिखाई। उन्हें बताया गया कि जमीन में निवेश करने से कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। विजय ने पूरी जमीन अकेले खरीदने में असमर्थता जताई तो लोकेश खुल्लर ने आधी जमीन खुद खरीदने और उनके साथ साझेदारी में सौदा करने की बात कही।
इसके बाद आरोपियों ने जमीन के स्वामियों से मुलाकात कराई। जमीन का सौदा 1,250 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से तय किया गया। इसके बाद 7 अक्टूबर 2024 को जमीन से संबंधित इकरारनामा कराया गया।
सीमांकन और बिजली खंभा हटाने का दिया भरोसा
इकरारनामे के दौरान रजिस्ट्री से पहले जमीन का सीमांकन कराने और मौके पर मौजूद बिजली के खंभे को हटवाने की जिम्मेदारी लोकेश खुल्लर ने ली थी। इसी भरोसे पर प्रार्थी ने आरोपियों के बताए अनुसार रकम का भुगतान किया।
शिकायत के मुताबिक 3 अक्टूबर 2024 को अमित साहू को 51 हजार रुपए दिए गए। इसके बाद 7 अक्टूबर 2024 को जमीन के स्वामियों के नाम 5 लाख और 4.50 लाख रुपए के चेक दिए गए। इन चेकों की राशि संबंधित खातों से प्राप्त भी कर ली गई।
रजिस्ट्री टलती रही, फिर सामने आया पूरा मामला
रकम लेने के बाद तय समय पर न तो जमीन का सीमांकन कराया गया और न ही प्रार्थी के पक्ष में रजिस्ट्री कराई गई। आरोपियों की ओर से लगातार अलग-अलग आश्वासन देकर समय टाला जाता रहा।
इसी दौरान प्रार्थी को पता चला कि जिस जमीन के लिए उससे रकम ली गई थी, उसी जमीन को किसी दूसरे व्यक्ति के नाम अधिक कीमत पर बेचकर रजिस्ट्री करा दी गई है। प्रार्थी ने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन उसे राशि वापस नहीं की गई।
दस्तावेज और लेन-देन की जांच के बाद गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद मोहन नगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों के साथ ही इकरारनामा, भुगतान और बैंक खातों से संबंधित लेन-देन की जानकारी का परीक्षण किया। जांच के दौरान लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने उसे 15 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में अजय साहू और अमित साहू सहित दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस की विवेचना अभी जारी है।
ऐसे किया गया पूरा खेल
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने जमीन में निवेश कर कम समय में ज्यादा लाभ का भरोसा देकर प्रार्थी को सौदे में शामिल किया। इकरारनामा कराने और बयाना राशि हासिल करने के बाद जमीन का सीमांकन और रजिस्ट्री कराने के नाम पर लगातार समय टाला गया। इसके बाद उसी जमीन को दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया।
घटना से संबंधित जमीन मौजा ग्राम उरला, पटवारी हल्का नंबर 16, सिकोला, दुर्ग में स्थित बताई गई है। पुलिस ने प्रकरण से संबंधित भूमि दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जांच में प्राप्त किए हैं।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन या अन्य संपत्ति खरीदने से पहले उसके स्वामित्व, दस्तावेज, सीमांकन और पंजीयन संबंधी जानकारी का विधिवत सत्यापन करें। कम समय में अधिक लाभ का लालच देने वाले लोगों के झांसे में आकर बिना दस्तावेजी जांच के रकम का लेन-देन न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।