कोरबा में अजब चोरी: चोरों ने पूरी रात काटा 40 साल पुराना पुल, सुबह मिला खाली रास्ता…

रातों-रात गायब हुआ 40 साल पुराना लोहे का पुल: गैस कटर से काटा, पाइपलाइन भी खतरे में डाली; 5 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा। शहर के वार्ड नंबर 17 ढोढीपारा इलाके में चोरों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसने नगर निगम, पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया। नहर किनारे लोगों की आवाजाही के लिए बना करीब 40 साल पुराना लोहे का पुल रातों-रात गायब हो गया। चोरों ने पूरी रात गैस कटर से पुल को काटा, उसके टुकड़े किए और गाड़ियों में भरकर ले गए।

वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने बताया कि नहर किनारे आवाजाही के लिए बनाई गई 70 से 80 फीट लंबी लोहे की रेलिंग और सपोर्टिंग एंगल रातों-रात काट लिए गए। चोरों ने गैस कटर का इस्तेमाल किया, जिसके कुछ कटे हुए हिस्से नहर में गिरते भी मिले। चोरी का खुलासा तब हुआ जब सुबह लोग वहां से गुजरने पहुंचे।

पार्षद ने यह भी बताया कि चोरों ने केवल पुल ही नहीं, बल्कि इसी क्षेत्र में ढेंगुरनाला के ऊपर नगर पालिका निगम की जल आवर्धन योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन को सहारा देने वाले लोहे के स्ट्रक्चर को भी काट दिया। करीब 15 फीट तक के लोहे के एंगल चोरी कर लिए गए, जिससे पाइपलाइन की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा गया है। समय रहते सपोर्ट नहीं किया गया तो पाइपलाइन गिरने और इलाके में पानी की गंभीर समस्या खड़ी होने की आशंका जताई गई है।

जानकारी के मुताबिक यह पुल करीब 40 साल पुराना था। इसमें लगी मोटी-मोटी लोहे की प्लेट इतनी मजबूत थीं कि चार दशक में कभी कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन स्क्रैप माफिया ने इसे भी नहीं छोड़ा।

कोरबा CSP प्रतीक चतुर्वेदी ने पुष्टि की कि वार्ड पार्षद की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 53/2026 के तहत धारा 303(2), 112(2), 317(2)(4) BNS में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए SP सिद्धार्थ तिवारी को अवगत कराया गया, जिनके निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। इस टीम में साइबर सेल कोरबा और चौकी CSEB पुलिस को भी आरोपियों की पतासाजी में लगाया गया।

पुलिस जांच में अब तक कुल 15 आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।

इलाके में चर्चा है कि अगर रात में पुल चोरी हो सकता है, तो सुबह क्या बचेगा? यह वारदात स्क्रैप माफिया की संगठित और बेखौफ कार्यशैली को उजागर करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *