GM फसलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; आदेश उल्लंघन पर अवमानना याचिका सुनने को तैयार…

केंद्र पर कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी का आरोप, GM और जीन-एडिटेड फसलों की मंजूरी पर उठे सवाल

नई दिल्ली। जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फसलों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने उन आरोपों पर गंभीरता दिखाई है, जिनमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के अधिकारियों ने अदालत के पुराने आदेशों का उल्लंघन करते हुए GM और जीन-एडिटेड फसलों को मंजूरी दी। इस मामले में दायर अवमानना याचिका की जल्द सुनवाई की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता अरुणा रोड्रिग्स ने आरोप लगाया है कि सरकार ने राष्ट्रीय नीति तैयार किए बिना ही कुछ GM और जीन-एडिटेड फसलों के व्यावसायिक उपयोग की अनुमति दे दी। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2024 के फैसले में स्पष्ट निर्देश दिया था कि सभी हितधारकों और विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही राष्ट्रीय GMO नीति बनाई जाए।

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने मुख्य न्यायाधीश की पीठ के सामने कहा कि अवमानना याचिका लंबे समय से लंबित है और तत्काल सुनवाई की जरूरत है। इस पर अदालत ने मामले को देखने का आश्वासन दिया। याचिका में कुछ अधिकारियों के खिलाफ “जानबूझकर और सुनियोजित उल्लंघन” का आरोप लगाया गया है।

विवाद का केंद्र हर्बीसाइड टॉलरेंट (HT) बासमती चावल और अन्य जीन-एडिटेड धान किस्मों की मंजूरी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इससे भारत की जैव विविधता और गैर-GMO बासमती निर्यात पर खतरा पैदा हो सकता है। वहीं केंद्र सरकार का पक्ष है कि देश में GM फसलों के लिए नियामक ढांचा पहले से मौजूद है और वैज्ञानिक मानकों का पालन किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *