कोर्ट ने कहा-मौजूदा सजा से नहीं बन रहा खौफ; केंद्र से कानून और सख्त करने पर विचार करने का आग्रह
नई दिल्ली। देश में बढ़ते एसिड अटैक के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों को रोकने के लिए मौजूदा सजा पर्याप्त नहीं है और इससे अपराधियों में डर पैदा नहीं हो पा रहा है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह एसिड अटैक के मामलों में सजा को और कठोर बनाने पर गंभीरता से विचार करे। साथ ही यह भी सुझाव दिया कि दोषियों पर ऐसी सख्ती होनी चाहिए जिससे भविष्य में इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लग सके।
अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि एसिड अटैक पीड़ितों को लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है, इसलिए ऐसे मामलों में न्याय व्यवस्था को और संवेदनशील व सख्त रुख अपनाने की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और संबंधित एजेंसियों से इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाने और कानून में आवश्यक बदलावों पर विचार करने को कहा है, ताकि महिलाओं के खिलाफ इस तरह के गंभीर अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।