चंपारण। एक अद्भुत धार्मिक आयोजन की तैयारी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में चल रही है, जहाँ विश्व के सबसे बड़े और सबसे ऊँचे शिवलिंग का महाभिषेक और प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन विराट रामायण मंदिर परिसर, कैथवलिया में 17 जनवरी को होने वाला है और इसके लिए श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।
इस विशाल शिवलिंग का वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है और ऊँचाई लगभग 33 फीट बताई जा रही है। इसे गहरे ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है और यह मंदिर परिसर में स्थापित होने वाला मुख्य शिवलिंग है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
शिवलिंग का अभिषेक बेहद खास होगा। इसके लिए गंगोत्री और मानसरोवर समेत पाँच पवित्र स्थलों-गंगोत्री, मानसरोवर, हरिद्वार, प्रयागराज, सोनपुर का पवित्र जल विशेष रूप से इकट्ठा किया गया है। इन पवित्र नदियों के जल से ही शिवलिंग का अभिषेक किया जाएगा, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बहुत फलदायी और शुभ माना जाता है।
अभिषेक के साथ ही एक और आकर्षण यह है कि हेलिकॉप्टर से फूलों की वर्षा भी की जाएगी-जहाँ आस्था और आनंद का संगम देखने को मिलेगा। हेलिकॉप्टर से पुष्पों को बरसाने का यह अनोखा आयोजन श्रद्धालुओं के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे कार्यक्रम की भव्यता और भी बढ़ जाएगी।
इस अवसर पर भक्तों के लिए दो क्विंटल से भी अधिक बताशे का प्रसाद तैयार किया जाएगा। यह प्रसाद कार्यक्रम में शामिल अत्यधिक श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा और इसे इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण भी माना जा रहा है।
श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर परिसर में जुटना शुरू कर देंगे, और धार्मिक गीतों-भजन के साथ हर-हर महादेव, जय शिव शंकर के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। इस कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना भी शामिल हैं, जिससे यह आयोजन धार्मिकता और भव्यता का उत्कृष्ट मिश्रण बन जाएगा।
मान्यता है कि पवित्र नदियों के जल से शिवलिंग का अभिषेक करने से भक्तों को विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है और सभी प्रकार की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति में आस्था और श्रद्धा की परंपरा को और गहरा करते हैं।