नई दिल्ली। भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार दिल्ली-कोलकाता बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर तेजी से काम आगे बढ़ा रही है। करीब 1,669–1,700 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित कॉरिडोर के पूरा होने पर दिल्ली से कोलकाता की यात्रा लगभग 5.5 से 6 घंटे में पूरी हो सकेगी। यह भारत का सबसे लंबा प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर माना जा रहा है।
किन राज्यों से गुजरेगी ट्रेन
यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा। परियोजना को देश के प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
350 किमी प्रति घंटे तक होगी रफ्तार
कॉरिडोर को लगभग 350 किमी प्रति घंटे की डिज़ाइन स्पीड के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जबकि ट्रेनों की परिचालन गति लगभग 320 किमी प्रति घंटे रहने की संभावना है। इससे लंबी दूरी की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
देशभर में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की तैयारी
सरकार केवल एक ही नहीं, बल्कि कई नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इनके लिए भारतीय मानकों के अनुरूप डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा सके।
पहली बुलेट ट्रेन परियोजना भी अंतिम चरण में
इस बीच मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी तेजी से निर्माण जारी है। इस कॉरिडोर के पहले चरण के 2027 में शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद भारत हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू करने वाले देशों की सूची में शामिल होगा।