पार्टी की महिला पदाधिकारी ने मद्रास हाईकोर्ट में दायर की याचिका, दावा-₹5 लाख से ₹30 लाख लेकर बांटे गए सरकारी वकीलों के पद; आवेदन की अंतिम तिथि से पहले ही चयन सूची वायरल होने का आरोप।
चेन्नई। तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) और मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। पार्टी की ही एक महिला पदाधिकारी ने सरकारी वकीलों की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए Madras High Court का दरवाजा खटखटाया है।
याचिकाकर्ता एम. ज्ञानसौंदरी, जो विलुप्पुरम जिले में TVK की अधिवक्ता प्रकोष्ठ की संयुक्त सचिव हैं, ने आरोप लगाया है कि सरकारी वकीलों के पदों के लिए ₹5 लाख से ₹30 लाख तक की रिश्वत ली गई। उनका दावा है कि आवेदन जमा करने की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने से पहले ही चयनित उम्मीदवारों की सूची सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर प्रसारित कर दी गई थी, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े अधिवक्ताओं को कथित रूप से सिफारिश और धन के आधार पर नियुक्ति दी गई। याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों और पार्टी के कुछ नेताओं की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
मामला अब मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष है। फिलहाल अदालत ने आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं दिया है और ये आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।